हरियाणा में NEET री-एग्जाम हाई अलर्ट, 175 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, मॉक ड्रिल शुरू
हरियाणा में NEET-UG री-एग्जाम से पहले मॉक ड्रिल आयोजित की गई। 175 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, GPS ट्रैकिंग, CCTV निगरानी और विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
NEET-UG री-एग्जाम से पहले हरियाणा के परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल
19 जिलों के 175 केंद्रों पर 65 हजार से अधिक विद्यार्थी देंगे परीक्षा
एयरप्लेन से पहुंचे प्रश्नपत्र, GPS ट्रैकिंग और CCTV निगरानी से होगी सुरक्षा
NEET-UG री-एग्जाम को लेकर हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल शुरू की। परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर मीडिया की एंट्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है।
हरियाणा के 19 जिलों में बनाए गए 175 परीक्षा केंद्रों पर 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस स्टैंडों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जबकि बीकानेर मंडल की ओर से तीन विशेष ट्रेनें भी चलाई गई हैं। शुक्रवार को प्रश्नपत्र विशेष विमान के जरिए हरियाणा पहुंचाए गए, जिन्हें सेना की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।
NTA के अनुसार परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पहली बार प्रश्नपत्रों को हवाई मार्ग से भेजा गया है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है। पहले चरण में 14 जून को सभी केंद्रों की व्यवहारिकता और सुविधाओं का निरीक्षण किया गया था।
प्रश्नपत्रों को वायुसेना और पुलिस की निगरानी में जिला कोषागार यानी ट्रेजरी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचाने के लिए पुलिस टीमों के साथ नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रश्नपत्रों को केवल सरकारी वाहनों के जरिए केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा और हर स्तर पर सील की जांच की जाएगी।
20 और 21 जून को सुरक्षा जांच के दूसरे और तीसरे चरण भी पूरे किए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी और दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। NTA ने विद्यार्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी है।
परीक्षा सामग्री ले जाने वाले सभी वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। साथ ही उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्र CCTV निगरानी में रहेंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर भी हर केंद्र पर मौजूद रहेंगे।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने 21 जून की परीक्षा के लिए जारी नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है, उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। एजेंसी के अनुसार 3 मई को जारी पुराने एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं होंगे, क्योंकि कई छात्रों को नए परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।
एजेंसी ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और पेपर लीक संबंधी दावों से सावधान रहने की अपील की है। NTA ने बताया कि विभिन्न साइबर एजेंसियों और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
छात्रों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और किसी भी अफवाह से दूर रहने को कहा गया है। साथ ही जरूरत पड़ने पर Tele-MANAS जैसी मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।
pooja