रामपाल की रिहाई में देरी, जेल में इंतजार जारी डिफेंडर-फॉर्च्यूनर पहुंचीं

सतलोक आश्रम मामले में उम्रकैद काट रहे रामपाल की रिहाई कोर्ट के दस्तावेज न आने से टल गई। 11 साल बाद जमानत मिलने के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

रामपाल की रिहाई में देरी, जेल में इंतजार जारी डिफेंडर-फॉर्च्यूनर पहुंचीं

रामपाल की रिहाई में देरी, कोर्ट डॉक्यूमेंट का इंतजार
हिसार जेल पहुंचीं लग्जरी गाड़ियां, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
11 साल 4 महीने बाद जमानत, सीधे धनाना आश्रम जाएंगे


हरियाणा के हिसार में सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल की रिहाई को लेकर शुक्रवार को दिनभर हलचल बनी रही, लेकिन दोपहर तक कोर्ट से जरूरी दस्तावेज न पहुंचने के कारण उनकी रिहाई में देरी हो गई। जेल प्रशासन के मुताबिक, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उन्हें रिहा किया जाएगा।जेल सुपरिंटेंडेंट रमेश कुमार ने बताया कि कोर्ट से रिलीज ऑर्डर आने में थोड़ा समय लग सकता है। इस बीच हिसार सेंट्रल जेल के बाहर हलचल तेज हो गई है। यहां रामपाल को लेने के लिए एक डिफेंडर, पांच फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो समेत कुल 7 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। परिवार के सदस्य स्कॉर्पियो में पहुंचे हैं।19 नवंबर 2014 को रामपाल को गिरफ्तार किया गया था। वह हिसार की सेंट्रल जेल में बंद है।-फाइल

रामपाल की रिहाई को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। जेल परिसर में दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए हैं, वहीं हिसार से सोनीपत के धनाना आश्रम तक कई स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए हैं। रिहाई के बाद रामपाल सीधे अपने आश्रम जाने वाला है, जिसकी पुष्टि उसके भाई युद्धवीर ने की है।रामपाल को हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। करीब 11 साल 4 महीने और 22 दिन जेल में बिताने के बाद कोर्ट ने उसे नियमित जमानत दे दी। जमानत के लिए हत्या के दो मामलों में 5-5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड जमा करवाए गए हैं।जेल परिसर में दंगा नियंत्रण वाहन भी बुलाया गया है।

गौरतलब है कि नवंबर 2014 में हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम पहुंची थी। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच टकराव हुआ, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था।जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने इसका विरोध किया और गंभीर आरोपों का हवाला दिया। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि रामपाल लंबे समय से जेल में है, ट्रायल बेहद धीमा है और अधिकांश सह-आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।जेल में दिल्ली नंबर की डिफेंडर गाड़ी पहुंची।

कोर्ट ने इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की, लेकिन सख्त शर्तें भी लगाईं। आदेश में स्पष्ट किया गया कि रामपाल भविष्य में किसी भी तरह की भीड़ एकत्र नहीं करेगा और शर्तों का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत रद्द की जा सकती है।