11 साल बाद रामपाल से हट सकती है कैदी नंबर-1005 की पहचान: हिसार जेल से 2 दिन में रिहाई संभव
रामपाल से 11 साल बाद कैदी नंबर-1005 की पहचान हट सकती है। हिसार जेल से 2 दिन में रिहाई संभव, जमानत की खबर से अनुयायी भावुक।
➤ 11 साल बाद Rampal से हट सकती है कैदी नंबर-1005 की पहचान
➤ 78 साल की उम्र में हिसार जेल की लाइब्रेरी में बीत रहा था अधिकतर समय
➤ रिहाई की खबर से भावुक हुए अनुयायी, 2 दिन में बाहर आने की संभावना
करीब 11 साल, 4 महीने और 20 दिनों से Hisar Central Jail-2 में बंद सतलोक आश्रम प्रमुख Rampal की पहचान अब तक कैदी नंबर-1005 के रूप में रही है। लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह पहचान जल्द ही हट सकती है। अगर बेल बॉन्ड की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो अगले दो दिनों में रामपाल जेल से बाहर आ सकते हैं।
हत्या, देशद्रोह और अन्य धाराओं में दर्ज मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को 19 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था। तब से वह हिसार सेंट्रल जेल-2 में बंद हैं। अब उनकी उम्र करीब 78 साल हो चुकी है।
जेल सूत्रों के अनुसार, रामपाल एक विशेष बैरक में रहते हैं। उनका अधिकांश समय जेल की लाइब्रेरी में गुजरता है, जहां वह आध्यात्मिक किताबें पढ़ते हैं। सीमित भोजन, कम बातचीत और साधारण जीवनशैली उनकी दिनचर्या का हिस्सा रही है। जेल के भीतर भी उन्होंने खुद को आध्यात्मिक माहौल में बनाए रखा।
खास बात यह भी सामने आई है कि रामपाल जेल में रहते हुए अन्य कैदियों की मदद करते रहे। जो कैदी उनसे कानूनी सहायता मांगते थे, उनके लिए वह अपनी लीगल टीम के जरिए मदद उपलब्ध करवाते थे। बताया जा रहा है कि कई गंभीर मामलों में बंद कैदियों को भी उन्होंने कानूनी सहायता दिलवाई।
हाईकोर्ट से जमानत मिलने की खबर जैसे ही बाहर पहुंची, उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। Hisar जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कई महिलाएं भावुक नजर आईं।
एक अनुयायी कमलेश ने कहा कि गुरुजी के बाहर आने की खबर सुनकर दिल गदगद हो गया। इतने सालों से इंतजार था। अब बस यही इच्छा है कि जल्दी से उनके दर्शन हो जाएं।
वहीं Sonipat समेत कई जगहों पर अनुयायियों ने लड्डू बांटकर खुशी मनाई। रामपाल के समर्थकों का कहना है कि यह पल उनके लिए बेहद खास है और लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर आई है।
रामपाल के वकील Mahendra Singh Nain के मुताबिक अब बेल बॉन्ड भरने की प्रक्रिया बाकी है। हाईकोर्ट के आदेश संबंधित अदालत तक पहुंचने के बाद औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो परसों तक रिहाई संभव है।
अब सबकी नजर इसी पर टिकी है कि क्या कैदी नंबर-1005 की पहचान सचमुच अगले दो दिनों में इतिहास बन जाएगी और 11 साल बाद रामपाल जेल से बाहर आएंगे।
Akhil Mahajan