82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से ₹1.72 लाख की ठगी,ब्लिंकिट कस्टमर केयर के नाम पर जाल

पंचकूला में 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से ब्लिंकिट कस्टमर केयर के नाम पर साइबर ठगी हुई। ₹10 की पेमेंट के बाद SBI खाते से ₹1.72 लाख निकाले गए।

82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से ₹1.72 लाख की ठगी,ब्लिंकिट कस्टमर केयर के नाम पर जाल

पंचकूला में 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से ₹1.72 लाख की साइबर ठगी

➤ गूगल पर ब्लिंकिट कस्टमर केयर नंबर तलाशना पड़ा भारी, ₹10 की पेमेंट करवाई

➤ SBI खाते से चार बार निकले पैसे, साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में केस दर्ज

पंचकूला में ऑनलाइन सामान मंगवाने के लिए कस्टमर केयर नंबर तलाशना एक बुजुर्ग को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने ब्लिंकिट ऐप का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे महज ₹10 की ऑनलाइन पेमेंट करवाई और इसके बाद उनके बैंक खाते से ₹1.72 लाख निकाल लिए। पीड़ित को अगले दिन सुबह मोबाइल चालू करने पर खाते से पैसे कटने के चार मैसेज मिले। मामले की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित निरेन कुमार दत्ता पंचकूला के सेक्टर-20 में रहते हैं। उनकी उम्र 82 वर्ष है और वे पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ से साल 2002 में प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। घरेलू सामान मंगवाने के लिए वे ब्लिंकिट ऐप का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर तलाश रहे थे। इसी दौरान गूगल पर मिले एक नंबर पर उन्होंने संपर्क किया, लेकिन दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर उन्हें ठगी का शिकार बना लिया।

रजिस्ट्रेशन के नाम पर मांगे सिर्फ ₹10

पीड़ित के अनुसार, फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि ऑर्डर करने के लिए पहले उनकी आईडी रजिस्टर करनी होगी। इसके लिए उन्हें ₹10 का भुगतान करना पड़ेगा। आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए निरेन कुमार दत्ता ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए हामी भर दी।

इसके बाद ठग ने उन्हें फोन पर कुछ निर्देश दिए और ऐप में कुछ डिटेल्स भरवाईं। फिर ₹10 की पेमेंट करने के लिए गूगल पे पर एक स्कैनर भेजा। बुजुर्ग ने आरोपी के बताए तरीके से अपने एसबीआई (SBI) खाते से भुगतान कर दिया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि कस्टमर केयर के नाम पर की जा रही यह प्रक्रिया उनके बैंक खाते से बड़ी रकम निकालने की साजिश का हिस्सा थी।

₹10 की पेमेंट करते ही बंद हो गया मोबाइल

पीड़ित के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने ₹10 की ऑनलाइन पेमेंट की, उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। फोन बंद होने से वे घबरा गए और उन्होंने मोबाइल को बंद करके रख दिया। उस समय उन्हें खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी नहीं थी।

अगली सुबह जब उन्होंने मोबाइल चालू किया, तो उनके पास बैंक खाते से पैसे कटने के चार मैसेज आए। लगातार चार बार पैसे निकलने के संदेश देखकर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी अपने परिवार को दी और अपने बेटे संदीप के साथ एसबीआई बैंक पहुंचे।

बैंक पहुंचने पर खाते से ₹1.72 लाख निकलने का पता चला

बैंक में जानकारी लेने पर निरेन कुमार दत्ता को पता चला कि उनके खाते से कुल ₹1.72 लाख की रकम निकाली जा चुकी है। घरेलू सामान मंगवाने के लिए कस्टमर केयर नंबर तलाशते समय शुरू हुई यह घटना उनके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन गई।

पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पुलिस ने ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना बताती है कि गूगल पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर बिना पुष्टि किए भरोसा करना और अनजान व्यक्ति के निर्देश पर ऑनलाइन भुगतान करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।