दिल्ली ब्लास्ट में हरियाणा का कनेक्शन और गहराया , एक और डॉक्टर हिरासत में, खाद विक्रेता ने बिना लाइसेंस बेचा अमोनियम नाइट्रेट
रोहतक के बहुचर्चित डबल मर्डर केस में पुलिस का बड़ा एक्शन। आईएमटी एरिया में मुठभेड़ कर मुख्य आरोपी संजय सहित तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गांव में अब भी तनाव बरकरार। । दिल्ली ब्लास्ट की जांच में नूंह से कनेक्शन मिला है। खाद विक्रेता डब्बू द्वारा डॉक्टर मुजम्मिल को 300 किलो अमोनियम नाइट्रेट सप्लाई करने का खुलासा हुआ। कई दुकानें रडार पर।
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दिल्ली ब्लास्ट केस में नूंह से एक और डॉक्टर हिरासत में
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सुरक्षा एजेंसियों का डेरा, ईडी की टीम भी पहुँचेगी
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स्विफ्ट डिजायर समेत 4 संदिग्ध कारों की तलाश और बरामदगी जारी
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मामले में हरियाणा का कनेक्शन और गहरा होता जा रहा है। जांच एजेंसियों ने नूंह से एक और एमबीबीएस डॉक्टर को हिरासत में लिया है, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप कर रहा था। फिलहाल पुलिस टीमें उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं। उधर, दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच अब हरियाणा के नूंह (मेवात) तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने पिनगवां कस्बे में खाद विक्रेता दिनेश सिंगला उर्फ डब्बू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस की टीम जब उसके घर पहुंची तो वह सो रहा था। अचानक पुलिस को देखकर परिवार घबरा गया।
उधर, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सुरक्षा एजेंसियों ने डेरा जमाया हुआ है। मेडिकल कॉलेज और कैंपस में आने वाले स्टाफ को कड़ी चेकिंग के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है। आज ईडी की टीम के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
जांच के दौरान अब तक तीन संदिग्ध कारें बरामद हो चुकी हैं—लाल रंग की इको स्पोर्ट्स, ब्रेजा और एक आई-20 कार जिसके परखच्चे विस्फोट में उड़ गए थे। अब एजेंसियां चौथी कार स्विफ्ट डिजायर की तलाश कर रही हैं, जो आतंकी मॉड्यूल की सदस्य डॉ. शाहीन शाहिद के नाम पर है और जिसे अक्सर डॉ. मुजम्मिल शकील इस्तेमाल करता था।
जांच में सामने आया है कि इन कारों का कनेक्शन फरीदाबाद से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद हर थाना क्षेत्र से एक टीम को इस कार की खोज में लगाया गया है।
लाल इको स्पोर्ट्स फरीदाबाद के खंदावली गांव से बरामद हुई, जो दो दिनों से खड़ी थी। यह कार अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ही एक कर्मचारी के घर के बाहर मिली है। बम स्क्वॉड की जांच में कार में विस्फोटक ढोने के संकेत मिले। यह कार डॉ. उमर नबी के नाम थी, जिसने दिल्ली में खुद को कार समेत उड़ा लिया था।
वहीं ब्रेजा कार अल-फलाह यूनिवर्सिटी से बरामद हुई, जो डॉ. शाहीन की है। यह कार सिर्फ दो महीने में 30 हजार किलोमीटर चली बताई जा रही है, जिससे संदेह और गहरा गया है। हालांकि बम स्क्वॉड की जांच में इससे कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
अब एजेंसियों का फोकस चौथी कार—स्विफ्ट डिजायर—पर है, क्योंकि जांच में पता चला है कि ब्लास्ट की तैयारी में इस कार का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस फतेहपुरा तगा और धौज गांव में भी इसकी लोकेशन जानने के लिए पूछताछ कर चुकी है, जहां से करीब 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था।
उधर, दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच अब हरियाणा के नूंह (मेवात) तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने पिनगवां कस्बे में खाद विक्रेता दिनेश सिंगला उर्फ डब्बू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस की टीम जब उसके घर पहुंची तो वह सो रहा था। अचानक पुलिस को देखकर परिवार घबरा गया।
टीम ने दिनेश को हिरासत में लेते हुए उसकी दुकान की जांच की। इस दौरान वे तीन लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने उक्त दुकान से सामान खरीदा था। आरोप है कि डब्बू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील को बिना लाइसेंस और बिना रिकॉर्ड अमोनियम नाइट्रेट बेचा। बताया जा रहा है कि यही अमोनियम नाइट्रेट ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ।
कृषि विभाग के अनुसार अमोनियम नाइट्रेट की खरीद-बिक्री केवल लाइसेंसधारी ही कर सकता है और हर ग्राहक की रजिस्टर एंट्री अनिवार्य होती है। लेकिन डब्बू ने नियमों को दरकिनार करते हुए 300 किलो तक की सप्लाई कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि अधिक मुनाफे के लालच में उसने लगातार अमोनियम नाइट्रेट बेचा।
इसी बीच पुलिस ने सोहना अनाज मंडी से लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार के संचालकों को भी हिरासत में लिया है। दोनों की दुकानें सील कर दी गई हैं। जांच एजेंसी ने कई व्यापारियों के रिकॉर्ड खंगाले हैं और कुछ की दुकानें बंद करवाई गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम फिरोजपुर झिरका के बसई मेव व बीवा गांव भी पहुंची है, क्योंकि इन क्षेत्रों में अवैध खनन और ब्लास्टिंग के लिए अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग होता रहा है। आशंका है कि यहां से भी इस सामग्री की सप्लाई की गई हो सकती है।
नूंह में 400 लाइसेंसी खाद विक्रेताओं का डेटा मंगवाया गया है। लगभग 50 विक्रेताओं के रिकॉर्ड अब तक खाली मिले हैं। कृषि विभाग की टीम ने सभी डीलरों से स्टॉक और रजिस्टर तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है।
अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल को लेकर भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है। यह खाद के रूप में उपयोग होता है, लेकिन फ्यूल मिलाने पर यह खतरनाक विस्फोटक (ANFO) में बदल जाता है, जिसका उपयोग खदानों और कंस्ट्रक्शन साइट्स में बड़े ब्लास्ट के लिए किया जाता है।
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