आवास फाइनेंस कंपनी से 9.34 लाख की कथित धोखाधड़ी, दंपती और बैंक शाखा पर केस
नारनौल में आवास फाइनेंस कंपनी से 9.34 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। दंपती और बैंक शाखा पर चेक और खाते को लेकर आरोप लगे हैं।
नारनौल में आवास फाइनेंस कंपनी से 9.34 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया
➤ दंपती पर लोन चेक जमा नहीं कराने और दस्तावेज नहीं लौटाने का आरोप
➤ इंडसइंड बैंक शाखा पर भी कथित मिलीभगत और गलत खाते में चेक क्लियर कराने का आरोप
हरियाणा के नारनौल में आवास फाइनेंस कंपनी से 9 लाख 34 हजार 714 रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में नारनौल शहर थाना पुलिस ने गांव जाटवास निवासी एक दंपती और नारनौल स्थित एक बैंक शाखा के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि लोन के लिए जारी किया गया चेक संबंधित फाइनेंस कंपनी तक पहुंचाने के बजाय दूसरी जगह खोले गए खाते में क्लियर कराया गया, जिससे आवास फाइनेंस कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ।
मामले में आवास फाइनेंस लिमिटेड की नारनौल शाखा के मैनेजर नवल कुमार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर जांच के बाद पुलिस ने BNS की धारा 61(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद मामले की आगामी जांच शुरू कर दी है।
जनवरी 2025 में हुआ था लोन मंजूर, पुराने ऋण को BT से चुकाने की थी योजना
शिकायत के अनुसार गांव जाटवास निवासी गीतांजली और उसके पति चरण सिंह ने आवास फाइनेंस कंपनी से संपर्क किया था। दंपती ने बताया था कि उन्होंने इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, नीमकाथाना से आवास ऋण लिया हुआ है। वे इस पुराने लोन को BT (बैलेंस ट्रांसफर) के माध्यम से आवास फाइनेंस कंपनी में स्थानांतरित करवाना चाहते थे।
इसके बाद जनवरी 2025 में उनका लोन मंजूर किया गया। कंपनी की ओर से पुराने ऋण का भुगतान करने और उससे जुड़े दस्तावेज वापस लेकर नई फाइनेंस कंपनी में जमा करवाने की प्रक्रिया तय की गई थी।
9.34 लाख रुपये का चेक जारी कर दंपती को दी गई थी स्पष्ट हिदायत
शिकायत में बताया गया है कि 28 जनवरी 2025 को आवास फाइनेंस कंपनी ने 9,34,714 रुपये का लोन मंजूर किया। इसके बाद चेक नंबर 978957 इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, नीमकाथाना के नाम जारी किया गया।
कंपनी का कहना है कि यह चेक दंपती को स्पष्ट हिदायत के साथ दिया गया था कि वे इसे संबंधित फाइनेंस कंपनी में जमा करवाकर पुराने ऋण का भुगतान करेंगे। इसके बाद वहां गिरवी रखे गए दस्तावेज वापस लेकर उन्हें आवास फाइनेंस कंपनी में जमा करवाना था।
संबंधित फाइनेंस कंपनी तक पहुंचा ही नहीं चेक, दस्तावेज भी जमा नहीं हुए
शिकायत के मुताबिक, दंपती ने न तो चेक संबंधित फाइनेंस कंपनी में जमा करवाया और न ही पुराने ऋण से जुड़े दस्तावेज आवास फाइनेंस कंपनी में जमा करवाए। जब इस संबंध में आवास फाइनेंस कंपनी ने इंडिया शेल्टर फाइनेंस से संपर्क किया तो वहां से पता चला कि उनके पास संबंधित चेक पहुंचा ही नहीं था।
इसके बाद कंपनी ने चेक के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान चेक के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया, जिसके बाद कंपनी की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई।
इंडसइंड बैंक के खाते में क्लियर हुआ चेक, बैंक पर भी लगाए गए आरोप
शिकायत के अनुसार जांच में सामने आया कि उक्त चेक नारनौल स्थित इंडसइंड बैंक में कथित तौर पर इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन के नाम से खोले गए खाते में क्लियर हुआ।
आवास फाइनेंस कंपनी ने आरोप लगाया कि बैंक की मिलीभगत से गलत नाम से खाता खुलवाकर चेक उसमें जमा कराया गया। कंपनी का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया के कारण उसे आर्थिक नुकसान हुआ।
शिकायत में बैंक पर यह आरोप भी लगाया गया है कि खाता खोलते समय संबंधित संस्था के अस्तित्व और वैधता की उचित जांच नहीं की गई। इसी आधार पर बैंक शाखा को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
पहले भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी गई थी शिकायत
कंपनी की ओर से इस मामले में पहले भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी गई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि मामले की जांच महावीर चौकी और आर्थिक अपराध शाखा को भेजी गई थी।
जांच के बाद अब नारनौल शहर थाना पुलिस ने दंपती और बैंक शाखा के खिलाफ BNS की धारा 61(2) और 318(4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
Akhil Mahajan