हरियाणा दौरे पर डॉ. मोहन भागवत, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राष्ट्र-निर्माण पर मंथन; रिटायर्ड IAS-IPS व न्यायाधीश होंगे शामिल
RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत हरियाणा दौरे पर हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राष्ट्र निर्माण और समाज परिवर्तन विषय पर विचार गोष्ठी में रिटायर्ड IAS, IPS और न्यायाधीशों के साथ संवाद करेंगे।
■ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राष्ट्र-निर्माण विषय पर विचार गोष्ठी
■ रिटायर्ड IAS, IPS और न्यायाधीशों संग संवाद
■ RSS शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों के तहत हरियाणा दौरा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत इन दिनों हरियाणा के दौरे पर हैं। शनिवार को वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्र-निर्माण और समाज परिवर्तन विषयक विचार गोष्ठी में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षाविद, रिटायर्ड IAS-IPS अधिकारी और न्यायाधीश भाग ले रहे हैं।
यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले डॉ. भागवत ने अंबाला में स्वयंसेवकों के साथ संवाद कार्यक्रम किया था।
श्रीमद्भगवत गीता सभागार में मंथन
कुरुक्षेत्र में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक श्रीमद्भगवत गीता सभागार में विचार गोष्ठी आयोजित की जा रही है। इसमें करीब 500 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। गोष्ठी का मुख्य विषय राष्ट्र निर्माण, समाज परिवर्तन और संघ की भूमिका है।
कार्यक्रम में प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी, न्यायपालिका से जुड़े पूर्व न्यायाधीश और शिक्षा जगत के प्रतिनिधि भाग लेकर अपने विचार रखेंगे। संघ के सूत्रों के अनुसार, यह संवाद समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रहित के मुद्दों पर जोड़ने की दिशा में एक प्रयास है।
अंबाला में युवाओं से संवाद
27 फरवरी को डॉ. भागवत ने अंबाला शहर और अंबाला छावनी में 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग के स्वयंसेवकों से मुलाकात की। यह इंडोर कार्यक्रम था, जिसमें शाखा गतिविधियों, संगठन के विचार और समाज सेवा में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
पहले भी आ चुके हैं कुरुक्षेत्र
डॉ. भागवत का कुरुक्षेत्र से पुराना जुड़ाव रहा है। 25 नवंबर 2017 को वे मातृभाषा सत्याग्रही योजना से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके अलावा 30 जून 2022 को ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप की प्रतिमा के उद्घाटन अवसर पर भी वे उपस्थित रहे थे।
हरियाणा के इस दौरे को संघ के विस्तार और वैचारिक संवाद की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस कार्यक्रम को लेकर विशेष चर्चा है।
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