183.50 रुपये सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, 1 जुलाई से बदले पेट्रोल-डीजल के नियम; जानिए आपकी जेब पर कितना होगा असर
1 जुलाई 2026 से 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर 183.50 रुपये सस्ता हो गया है। साथ ही केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लगी सभी अस्थायी पाबंदियां भी हटा दी हैं।
➤ 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर 183.50 रुपये सस्ता हुआ
➤ पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लगी सभी अस्थायी पाबंदियां भी 1 जुलाई से खत्म
➤ 14KG और 19KG सिलेंडर के नए रेट के साथ ईंधन नियमों में भी मिली बड़ी राहत
1 जुलाई 2026 से आम लोगों को ईंधन और गैस दोनों मोर्चों पर बड़ी राहत मिली है। एक ओर 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री एवं वितरण पर लागू सभी अस्थायी प्रतिबंध भी वापस ले लिए हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट सेक्टर, उद्योगों और आम वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 183.50 रुपये की कटौती की है। नई दरें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं। इस फैसले से होटल, ढाबा, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत कम होने की संभावना है।
हालांकि 14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह पुराने रेट पर ही गैस सिलेंडर मिलेगा। कंपनियों ने इस बार केवल कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए हैं।
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल की बिक्री एवं वितरण पर लागू सभी अस्थायी प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है। अब वाहन मालिक पहले की तरह बिना किसी अस्थायी सीमा के पेट्रोल और डीजल भरवा सकेंगे।
गौरतलब है कि 12 जून 2026 को पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े आपूर्ति संकट की आशंका के चलते सरकार ने ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई अस्थायी नियम लागू किए थे। इनका उद्देश्य आम उपभोक्ताओं तक पर्याप्त ईंधन पहुंचाना और जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाना था।
इन नियमों के तहत एक वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल देने की सीमा तय की गई थी। वहीं औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को सामान्य रिटेल पेट्रोल पंपों के बजाय निर्धारित कंज्यूमर पंपों से ईंधन लेने के निर्देश दिए गए थे।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अब देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल रही है। ऐसे में इन अस्थायी प्रतिबंधों की अब कोई आवश्यकता नहीं रही।
सरकार का कहना है कि इन अस्थायी नियमों से संकट के दौरान आम लोगों तक ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिली और कालाबाजारी व जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रहा। हालात सामान्य होने के बाद 1 जुलाई 2026 से सभी अस्थायी प्रतिबंध समाप्त कर दिए गए हैं।
सरकार के इस फैसले से निजी वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर, उद्योगों और बड़े ईंधन उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया के तहत पेट्रोल और डीजल की खरीद की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता होने और ईंधन वितरण सामान्य होने से आने वाले समय में परिवहन और कारोबार की लागत पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
Akhil Mahajan