हरियाणा में राशन की दुकानों पर फिर से मिलेगा मिट्टी का तेल, जानें एनर्जी संकट के बीच क्या हैं नियम ?
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच हरियाणा और हिमाचल में 60 दिनों के लिए केरोसीन सप्लाई शुरू। राशन डिपो और पेट्रोल पंपों पर मिलेगा सस्ता मिट्टी तेल।
■ मिडिल ईस्ट तनाव के बीच हरियाणा-हिमाचल में फिर शुरू होगा केरोसीन वितरण
■ राशन डिपो और चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर 60 दिन तक मिलेगा तेल
■ खाना पकाने और रोशनी तक सीमित उपयोग, सख्त नियम लागू
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर एनर्जी सप्लाई पर संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच आम जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हरियाणा और हिमाचल समेत 21 राज्यों में फिर से केरोसीन (मिट्टी का तेल) उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। यह कदम खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां अब भी एलपीजी सप्लाई या वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत सीमित हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, 30 मार्च 2026 से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में राशन डिपो (PDS) के माध्यम से उपभोक्ताओं को उचित दर पर केरोसीन तेल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को भी केरोसीन बेचने की अनुमति दी जाएगी, जहां अधिकतम 5000 लीटर तक स्टॉक रखा जा सकेगा।
इस फैसले का सीधा असर ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों पर पड़ेगा। हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों और हरियाणा के कुछ ग्रामीण इलाकों में आज भी कई परिवार खाना पकाने और रोशनी के लिए पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं। ऐसे में केरोसीन की वापसी से इन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने इस योजना को फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू किया है, जिसकी शुरुआत 29 मार्च से मानी जाएगी और यह अगले आदेश तक जारी रह सकती है। केंद्र ने राज्यों को उनके नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर सुपीरियर केरोसीन ऑयल (SKO) अतिरिक्त आवंटित किया है, ताकि सप्लाई में कोई कमी न रहे।
हालांकि, सरकार ने इसके उपयोग को लेकर सख्त नियम भी तय किए हैं। केरोसीन का इस्तेमाल केवल घरेलू जरूरतों जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा। इसे औद्योगिक या व्यावसायिक उपयोग में लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, प्रति परिवार मिलने वाली मात्रा राज्य सरकारें स्थानीय मांग और उपलब्धता के आधार पर तय करेंगी।
गौरतलब है कि पहले पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत कई राज्यों में केरोसीन की सप्लाई बंद कर दी गई थी। लेकिन मौजूदा एनर्जी संकट और एलपीजी सप्लाई में बाधाओं को देखते हुए सरकार ने इसे फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।
Akhil Mahajan