कंगना रनोट को सुप्रीम कोर्ट का झटका: कहा– ट्वीट में मसाला डालकर महिला किसान को बदनाम किया
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➤ सुप्रीम कोर्ट ने कंगना रनोट की मानहानि केस में याचिका खारिज की
➤ ट्वीट में मसाला जोड़ने का आरोप, सिर्फ रिट्वीट नहीं माना गया
➤ बुजुर्ग किसान महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था
हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद एवं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कंगना रनोट द्वारा किसान आंदोलन के समय की गई टिप्पणियों को लेकर दर्ज मानहानि केस को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कंगना द्वारा किया गया ट्वीट साधारण रिट्वीट नहीं था, बल्कि इसमें मसाला जोड़ा गया था, जिसका परीक्षण ट्रायल कोर्ट में किया जाएगा। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए निचली अदालत को जिम्मेदार ठहराया।
➤ विवादित ट्वीट का पूरा मामला
मामला 2021 का है, जब देशभर में किसान आंदोलन चल रहा था। इस दौरान कंगना रनोट ने एक ट्वीट करते हुए बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर को 100-100 रुपए लेकर धरने में शामिल होने वाली बताया था। कंगना ने इस पोस्ट में लिखा था –
“हाहाहा, ये वही दादी है, जिसे टाइम मैग्जीन में भारत की पावरफुल महिला होने पर फीचर किया गया था। वो 100 रुपए में उपलब्ध है। पाकिस्तानी पत्रकारों ने भारत के लिए शर्मनाक तरीके से इंटरनेशनल पीआर को हाईजैक कर लिया है। हमें इंटरनेशनल लेवल पर बोलने के लिए अपने ही लोगों की जरूरत है।”
महिंदर कौर ने इस अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ 4 जनवरी 2021 को मानहानि का केस दर्ज किया था। लगभग 13 महीने तक चले सुनवाई के बाद बठिंडा की अदालत ने कंगना को समन जारी किया। इसके बाद कंगना ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में राहत की याचिका डाली, जो खारिज हो गई थी। फिर कंगना सुप्रीम कोर्ट गईं, जहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।
➤ महिंदर कौर का कड़ा पलटवार
महिंदर कौर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि कंगना को खेती की भी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा – “किसानी से पैसा कमाना बहुत मुश्किल है। जब पसीना बहता है, खून गर्म होता है, तभी पैसा आता है। मैं अपने खेतों में काम करती हूं। ऐसे में मैं 100 रुपए के लिए धरने में शामिल कैसे हो सकती हूं?” महिंदर कौर ने यह भी साफ किया कि कंगना की यह टिप्पणी गलत और अपमानजनक है। उन्होंने कंगना के बयान पर लानत भी भेजी थी।
➤ एयरपोर्ट पर थप्पड़ मारने की घटना
इस विवाद ने बाद में हिंसक रूप भी लिया। 6 जून 2024 को कंगना रनोट को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF की महिला कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर ने थप्पड़ मार दिया था। कुलविंदर ने बताया था कि कंगना ने महिला किसानों को अपमानित करते हुए “100-100 रुपए लेकर धरने पर बैठने वाली” कहा था, जिसमें उनकी मां भी शामिल थीं। इस थप्पड़ मारने की घटना के बावजूद पुलिस ने इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की थी। DSP एयरपोर्ट ने बताया कि कंगना ने इस पर कोई शिकायत भी दर्ज नहीं करवाई।
➤ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और केस का भविष्य
सुप्रीम कोर्ट ने कंगना रनोट की याचिका को रद्द करते हुए कहा कि उनके ट्वीट में मसाला जोड़ा गया था, जिसका परीक्षण केवल ट्रायल कोर्ट में किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस ले लिए जाने के कारण इसे खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद मामला अब निचली अदालत में जाएगा, जहां कंगना को अपना स्पष्टीकरण देना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में उनका स्पष्टीकरण निरस्तीकरण याचिका में नहीं माना जा सकता।
➤ सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
कंगना रनोट का यह विवाद एक बार फिर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर बीजेपी सांसद होने के नाते कंगना का यह बयान राजनीतिक मुद्दा बन गया, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम जनता के बीच इस बयान ने गहराई से आक्रोश फैला दिया। मामले की गहराई में जाने पर यह साफ हुआ कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस केस से यह भी समझ आता है कि सोशल मीडिया पर कोई भी बयान बिना जांच-परख के नहीं देना चाहिए, खासकर जब वह सार्वजनिक स्तर पर प्रभाव डालता हो।