इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई की हत्‍या! आरोपी नेपाल भागने की फ‍िराक में था, एसटीएफ ने दबोचा

इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई डॉक्टर जयदीप राठी की हत्या की पुष्टि। नेपाल भागने की फिराक में आरोपी को STF ने गोरखपुर से पकड़ा। शव की बरामदगी अभी नहीं।

इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई की हत्‍या! आरोपी नेपाल भागने की फ‍िराक में था, एसटीएफ ने दबोचा

इनेलो जिलाध्यक्ष के भाई की हत्या, STF के हत्थे चढ़ा आरोपी
नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी, गोरखपुर से पकड़ा गया
हत्या कबूलने का दावा, शव अब तक बरामद नहीं

संदीप शर्मा


इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के 8 दिन से लापता भाई डॉक्टर जयदीप राठी की हत्या कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक नेपाल भागने की कोशिश कर रहे एक आरोपी को एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा डॉक्टर जयदीप राठी की हत्या किए जाने की बात कबूल करने का दावा किया जा रहा है, हालांकि अब तक शव की बरामदगी नहीं हुई है

इसी बीच डीएसपी नरेंद्र राठी परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे और बंद कमरे में इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी से बातचीत की। माना जा रहा है कि जांच में सामने आए नए तथ्यों को लेकर पुलिस और परिवार के बीच चर्चा हुई है।

सूत्रों का कहना है कि जमीन विवाद में जिन लोगों के नाम पहले राठी परिवार की ओर से लिए गए थे, उनमें से एक आरोपी फरार होने की कोशिश में था। उसी आधार पर एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गोरखपुर में काबू किया।

डॉक्टर जयदीप राठी के लापता होने के बाद परिजनों ने पानीपत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इनेलो जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी ने पहले ही अपहरण की आशंका जताते हुए कुछ लोगों के नाम पुलिस को दिए थे। उन्होंने जांच की गति और दिशा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गृह मंत्री से हस्तक्षेप की मांग भी की थी

कुलदीप राठी का कहना था कि पुलिस द्वारा पूछताछ की बात कही जा रही थी, लेकिन कोई ठोस लोकेशन या प्रगति सामने नहीं लाई जा रही थी। इसी को लेकर 2 जनवरी को उनके पैतृक गांव गंजबड़ में सर्वदलीय जुटान की घोषणा भी की गई थी

उन्होंने सेक्टर 13/17 थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि इसी कारण आरोपी पकड़ से बाहर हैं। अब हत्या की पुष्टि और STF की कार्रवाई के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस की अगली कार्रवाई शव की बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।