बेटी के अमेरिका से लौटने के बाद होगा पोस्टमॉर्टम, पत्‍नी बोली जिम्मेदार लोगों पर हो सख्त कार्रवाई -जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच की होगी मांग

हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है। उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार ने बेटी के लौटने के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया है, नोट में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम आने की चर्चा है, जबकि परिवार CBI जांच की मांग कर सकता है।

बेटी के अमेरिका से लौटने के बाद होगा पोस्टमॉर्टम, पत्‍नी बोली  जिम्मेदार लोगों पर हो सख्त कार्रवाई -जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच की होगी मांग


आईपीएस वाई पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम अब कल बेटी के आने के बाद होगा
आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार ने सुसाइड मामले में कड़ा रुख अपनाया
पूरन कुमार के सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ अफसरों के नाम आने की चर्चा


चंडीगढ़। हरियाणा के आईजी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में अब पोस्टमॉर्टम आज नहीं होगा। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने यह फैसला लिया है कि पोस्टमॉर्टम केवल उनकी बड़ी बेटी के अमेरिका से लौटने के बाद ही किया जाएगा। तब तक पूरन कुमार का शव चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट अस्पताल में रखा गया है।

अमनीत पी. कुमार बुधवार सुबह जापान से चंडीगढ़ लौटीं। वे सबसे पहले सेक्टर-24 स्थित अपने सरकारी आवास पर पहुंचीं, जहां हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी समेत कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी उनसे मिलने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, मीटिंग के दौरान अमनीत पी. कुमार बेहद आक्रोशित और भावुक नज़र आईं। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने पति की आत्महत्या के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराएंगी।

अमनीत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सीबीआई जांच की मांग भी करेंगी। इस बीच, अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। मीटिंग के बाद वे उस सेक्टर-11 की कोठी पर पहुंचीं जहां पूरन कुमार खुद को गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली थी , और फिर अस्पताल जाकर उन्होंने अपने पति के दर्शन किए।

पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले 8 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें 30 से 35 आईपीएस और कुछ आईएएस अधिकारियों के नाम लिखे होने की चर्चा है। उन्होंने अपने नोट में जातिवाद, भेदभाव, और प्रशासनिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने यह सुसाइड नोट अपनी पत्नी और दो अधिकारियों को भी भेजा था।

सूत्रों के मुताबिक, पूरन कुमार ने एक वसीयत भी छोड़ी, जिसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति पत्नी के नाम की है। सुसाइड नोट पर 7 अक्टूबर और वसीयत पर 6 अक्टूबर की तारीख लिखी मिली है।

घटनास्थल से यह भी जानकारी मिली है कि पूरन कुमार हाल ही में रोहतक रेंज से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सुनारिया में पदस्थापित किए गए थे। यह तैनाती पुलिस विभाग में “पनिशमेंट पोस्टिंग” मानी जाती है। इसके बाद वे मानसिक रूप से तनावग्रस्त थे और दो अक्टूबर को छुट्टी पर चले गए थे।

मामले में यह भी सामने आया कि उनके गनमैन सुशील कुमार पर रिश्वत लेने का केस दर्ज हुआ था, जिसमें उसका नाम भी लिया गया। हालांकि पूरन कुमार को कोई नोटिस नहीं भेजा गया था, लेकिन इस घटना के बाद से वे बेहद आहत और दबाव में थे।

इस दुखद घटना पर अंबाला के सांसद वरुण चौधरी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वाई पूरन कुमार की आत्महत्या प्रदेश की बड़ी क्षति है। उन्होंने सुसाइड नोट को सार्वजनिक करने की मांग की ताकि उन अधिकारियों के नाम सामने आ सकें, जो इस दुखद कदम के लिए जिम्मेदार हैं।

पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद पूरा प्रशासनिक तंत्र शोक और असमंजस में है। पुलिस ने घटनास्थल से कई दस्तावेज जब्त किए हैं और जांच जारी है।