विदेश से भारत लाए जाएंगे गैंगस्टर, चंडीगढ़ पुलिस बना रही डोजियर

चंडीगढ़ पुलिस बड़े गैंगस्टरों के खिलाफ विस्तृत क्राइम-डोजियर तैयार कर रही है; अनमोल बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा व रणदीप मलिक जैसे भगोड़ों को वापस लाने के लिए CBI-NIA-IB के साथ SOP व स्पेशल टीमें गठित की जाएंगी।

विदेश से भारत लाए जाएंगे गैंगस्टर, चंडीगढ़ पुलिस बना रही डोजियर

➤ विदेशी भगोड़ों की वापसी — बड़े गैंगस्टर भारत लाने की तैयारी
➤ क्राइम डोजियर — नाम, फोटो, FIR, ठिकाने व नेटवर्क का विस्तृत पैनल तैयार
➤ केंद्रीय समन्वय — CBI-IB-NIA व राज्यों की स्पेशल टीमें कानूनी-राजनयिक कार्रवाईें संभालेंगी

चंडीगढ़ — विदेश में छिपकर बैठे एनडीपीएस और हिंसक अपराधों में लिप्त बड़े गैंगस्टरों को भारत वापस लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। चंडीगढ़ पुलिस पहली बार ऐसे भगोड़ों का विस्तृत क्राइम डोजियर तैयार कर रही है, जिसमें उनके नाम-फोटो, आपराधिक रिकॉर्ड, FIR-वारंट, पूछताछ के बयान, साथियों और ठिकानों का पूरा ब्यौरा एकत्रित किया जाएगा। यह डोजियर एक माह के भीतर तैयार कर CBI को सौंपा जाएगा; गृह मंत्रालय ने CBI को नोडल एजेंसी बनाया है।

lawrence bishnoi, goldy brar news, lawrence bishnoi-goldy brar gangsters  break up, anmol bishnoi arrest

इसमें शहर के सभी पुलिस स्टेशन, ऑपरेशन सेल, डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर IB और NIA के साथ मिलकर विदेश में छिपे भगोड़ों को प्रत्यर्पित करने व पकड़ने का SOP तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्यों व केंद्रीय एजेंसियों में विशेष टीमें बनाई जाएंगी — जिनमें अनुभवी वकील भी होंगे — ताकि कानूनी और राजनयिक कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सके।

प्राथमिक सूची में जिन गैंगस्टरों के नाम शामिल किए जा रहे हैं, उनमें खासकर ये चार प्रमुख चेहरे हैं —

  • अनमोल बिश्नोई (लॉरेंस का भाई) — कई संगीन मामलों में वांछित, विदेश में घूमता मिला; प्रत्यर्पण प्रक्रियाएँ चल रही हैं।

  • गोल्डी बराड़ — लॉरेंस गैंग का प्रमुख साथी; हत्या और सिंथेटिक केसों में नाम; विदेश-आधारित नेटवर्क का आरोप।

  • रोहित गोदारा — दिशा पाटनी के घर फायरिंग जैसे मामलों से जुड़ा मामला; राजस्थान मूल का अभियुक्त, यूरोप/अमेरिका में सक्रिय होने की आशंका।

  • रणदीप मलिक — जींद मूल, क्लब विस्फोट षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप; अमेरिका में गिरफ्तारी की खबरें आईं।

डोजियर में प्रत्येक अपराधी का पूरा आपराधिक इतिहास दर्ज होगा — FIR, वांटेड नोटिस, कोर्ट-केसेस, पूछताछ के बयान, साजिश और हत्याओं से जुड़े दस्तावेज, सहयोगियों-नेटवर्क की जानकारी, पासपोर्ट/वीज़ा-गतिविधियाँ और संभावित ठिकाने। इसका उद्देश्य अभियुक्तों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण, रेडकोर्ड-आर्डर या अन्य कानूनी-राजनैतिक कार्रवाइयों के लिए मजबूत, तैयार मामला रखना है, ताकि विदेशों में छिपे लॉरेंस-टाइप नेटवर्क को भारत जल्द लौटाया जा सके।

केंद्रीय स्तर पर बनाई जा रही SOP में यह भी निर्देश है कि अभियोजन और प्रत्यर्पण के मामलों में त्वरित क़ानूनी मदद के लिए अनुभवी वकीलों की टीम हो, और राजनयिक चैनलों के माध्यम से जिन देशों में भगोड़े हैं, वहां की एजेंसियों के साथ समन्वय तत्काल स्थापित किया जाए।

इस मुहिम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डोजियर-आधारित कार्रवाई से केवल प्रचार नहीं बल्कि ठोस गिरफ्तारी-प्रकिया तेज होगी और देश में चल रहे गैंगस्टर-नेटवर्क की कमान को छिन्नभिन्न करने में मदद मिलेगी।