‘लगता ही नहीं सरकार है’, हुड्डा ने हरियाणा में कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
फरीदाबाद रेप केस पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला। कानून व्यवस्था, राशन कार्ड, ईवीएम और जातिवाद के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
• फरीदाबाद रेप मामले पर हुड्डा का तीखा हमला, बोले- हरियाणा में कानून व्यवस्था ध्वस्त
• राशन कार्ड और गरीबी रेखा के आंकड़ों को बताया चुनावी धोखा
• ईवीएम, वीवीपीएटी और जातिवाद के आरोपों पर सरकार और भाजपा पर सीधा प्रहार
रोहतक। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रतिपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फरीदाबाद में चलती गाड़ी में महिला से रेप की घटना को लेकर हरियाणा सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बेलगाम हो चुके हैं और हालात ऐसे हैं कि लगता ही नहीं कि यहां कोई सरकार मौजूद है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फरीदाबाद जैसी जघन्य और शर्मनाक घटना यह साबित करती है कि हरियाणा में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि दो आरोपियों की गिरफ्तारी महज औपचारिकता है और दोषियों को ऐसी सख्त सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी महिला के खिलाफ अपराध करने की हिम्मत न कर सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड और गरीबी रेखा के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने आंकड़ों के साथ खुला खेल खेला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कुल जनसंख्या करीब 2 करोड़ 80 लाख है, लेकिन सरकार ने 2 करोड़ 13 लाख लोगों को गरीबी रेखा के नीचे दिखा दिया, जो अपने आप में सरकार की नीतियों पर बड़ा सवाल है।
हुड्डा ने कहा कि यह सब चुनाव से पहले वोट बटोरने की साजिश थी। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए बताया कि 2020-21 में 11 लाख 9 हजार 865 राशन कार्ड, 2022-23 में 26 लाख 46 हजार 475 और 2024-25 में करीब 51 लाख 96 हजार 380 राशन कार्ड बना दिए गए। इसके बाद चुनाव खत्म होते ही 13 लाख 43 हजार 474 राशन कार्ड काट दिए गए, जिससे यह साफ हो गया कि सरकार ने जनता को सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राशन कार्ड काटने के मामले में हरियाणा सरकार पूरे देश में टॉप पर पहुंच गई, लेकिन सरकार यह बताने को तैयार नहीं है कि आखिर गरीबों का हक क्यों छीना गया।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ प्रदेश के लोगों को गरीब बता रही है और दूसरी तरफ हायर क्लास की नौकरियों में बाहरी लोगों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि हरियाणा के युवाओं के साथ खुला भेदभाव हो रहा है।
ईवीएम को लेकर हुड्डा ने सरकार और चुनाव प्रणाली पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों ने ईवीएम को पूरी तरह नकार दिया है और वहां बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2013 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वीवीपीएटी लागू हुई, लेकिन उनकी मांग है कि वीवीपीएटी की पर्ची मतदाता को हाथ में मिलनी चाहिए, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी बैलेट पेपर से चुनाव की मांग पर अडिग है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगरा द्वारा लगाए गए जातिवाद के आरोपों पर पलटवार करते हुए हुड्डा ने कहा कि वह उस परिवार से आते हैं जिसने जातिवादी परंपराओं को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के आरोप लगाते हैं, वही असल में सबसे बड़े जातिवादी होते हैं और समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह तीखे बयान दे रहे थे।
Akhil Mahajan