पेट्रोल-डीजल टैक्स पर सियासी संग्राम, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा ₹15.40 टैक्स से बढ़ी महंगाई
हिमाचल में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। डॉ. राजीव बिंदल ने बजट को जनविरोधी बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
■ पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर ₹15.40, जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा
■ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल सरकार के बजट को बताया जनविरोधी
■ बढ़ते खर्च और घटते बजट पर उठाए सवाल, आंदोलन की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बजट और टैक्स को लेकर घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि डीजल पर टैक्स को बढ़ाकर ₹15.40 प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे हर वर्ग पर महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि 2022 में कांग्रेस बड़े वादों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन सरकार बनने के बाद जनता को राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे “जनविरोधी और विनाशकारी बजट” करार देते हुए कहा कि आम आदमी, किसान, मजदूर, व्यापारी और बागवान सभी इसकी मार झेल रहे हैं।
भाजपा नेता के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का व्यापक असर देखने को मिलेगा।
- परिवहन लागत बढ़ेगी
- बस, टैक्सी और ट्रक किराए महंगे होंगे
- खेती और सिंचाई का खर्च बढ़ेगा
- बागवानी उत्पादों की ढुलाई महंगी होगी
- पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ेगा
उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर हमला है और महंगाई को और बढ़ाएगी।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि पिछले 40 महीनों में सरकार ने लगभग ₹4000 करोड़ टैक्स के रूप में जनता से वसूले हैं और अब नए टैक्स के जरिए ₹2000 करोड़ और वसूलने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि सरकार राहत देने की बजाय लगातार टैक्स बढ़ाकर जनता को आर्थिक दबाव में डाल रही है।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने बिजली, पानी, राशन, स्टांप ड्यूटी और सीमेंट जैसी जरूरी चीजों के दामों में भारी बढ़ोतरी की है।
- स्टांप ड्यूटी में 500% तक वृद्धि
- सीमेंट के दाम ₹100 प्रति बोरी तक बढ़े
- राशन की कीमतों में भी बढ़ोतरी
इन फैसलों से आम लोगों का जीवन और मुश्किल हो गया है।डॉ. बिंदल ने राज्य के बजट को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि पहली बार बजट घटाकर ₹54,928 करोड़ किया गया है, जो विकास के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में केंद्र सरकार की योजनाओं को ही कॉपी-पेस्ट किया गया है और राज्य सरकार की अपनी कोई स्पष्ट नीति या विजन नहीं है।उन्होंने एंट्री टैक्स को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि इससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही पड़ोसी राज्यों में सस्ता पेट्रोल-डीजल होने से तस्करी और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका भी जताई।अंत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि पार्टी इन फैसलों के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और जनता की आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, कर्मचारी, बेरोजगार और महिलाओं—सभी वर्गों के साथ अन्याय करता है।
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