हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र दूसरे दिन भी हंगामे की भेंट, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत विवाद पर गतिरोध बरकरार

हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ा। राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत विवाद पर गतिरोध जारी रहा और कार्यवाही सोमवार 2 बजे तक स्थगित हुई।

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र दूसरे दिन भी हंगामे की भेंट, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत विवाद पर गतिरोध बरकरार

दो दिनों में करीब 2 घंटे 15 मिनट ही चल सकी सदन की कार्यवाही

विपक्ष ने स्पीकर चेंबर के बाहर दिया धरना, पहले दिन की वीडियो क्लिप सार्वजनिक करने की मांग

स्पीकर बोले- सदन का समाधान सदन के भीतर ही होगा, दोनों पक्षों की सहमति से चलता है सदन


शिमला। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विधानसभा में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान के अपमान को लेकर शुरू हुआ गतिरोध दूसरे दिन भी खत्म नहीं हो सका। लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई और विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को सोमवार दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया। मानसून सत्र के पहले दो दिनों में अब तक करीब 2 घंटे 15 मिनट ही सदन की कार्यवाही चल सकी है।

शुक्रवार से शुरू हुआ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर विवाद दूसरे दिन भी सदन में छाया रहा। कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के चेंबर के बाहर धरना दिया। विपक्ष ने सत्तापक्ष पर सदन से भागने का आरोप लगाते हुए विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की मांग की। विपक्ष की ओर से पहले दिन की कार्यवाही से जुड़ी उस वीडियो क्लिप को सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है, जिसे लेकर सत्तापक्ष की ओर से राष्ट्रीय गान के अपमान की बात कही जा रही है।

पहले दिन की वीडियो क्लिप सार्वजनिक करने की मांग

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से भाग रही है, जबकि विपक्ष सदन की कार्यवाही चलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के पास अपनी बात रख रहा है।

जयराम ठाकुर के मुताबिक, भाजपा विधायक दल की मांग है कि यदि सरकार राष्ट्र गान के अपमान की बात कर रही है तो उससे संबंधित वीडियो को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक दल विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर उस क्लिप को देने की मांग कर रहा है, जिसमें पहले दिन राष्ट्रगान के अपमान की सत्तापक्ष की ओर से बात की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि विधानसभा सचिवालय की ओर से यह क्लिप उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार हिमाचल विधानसभा में CWC के एजेंडा को लागू करवाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गान का कोई अपमान नहीं हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सदन को चलाना नहीं चाहती है और मुख्यमंत्री सदन से भाग गए।

विपक्ष का कहना है कि यदि राष्ट्रीय गान के अपमान को लेकर सरकार की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो उससे संबंधित वीडियो को सामने लाया जाना चाहिए, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके। इसी मांग को लेकर भाजपा विधायक दल ने विधानसभा सचिव को पत्र देने की बात कही है।

दूसरे दिन प्रश्नकाल में दो सवाल, फिर शुरू हुई नारेबाजी

वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कहा कि सदन में क्या होगा, इसका फैसला सदन के अंदर ही होगा। उन्होंने कहा कि वे विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं।

पठानिया ने बताया कि शुक्रवार को राष्ट्रगीत के मुद्दे पर हंगामे के बाद सदन को स्थगित करना पड़ा था। सदस्यों को सदन की परंपरा के बारे में बताया गया था कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान और समापन राष्ट्रगीत से होता है। इसके बावजूद विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बना गतिरोध समाप्त नहीं हो सका।

दूसरे दिन की कार्यवाही में शोकोद्गार के बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ। प्रश्नकाल के दौरान दो सवाल हुए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को वक्तव्य रखने का मौका दिया गया। उनके वक्तव्य के बाद मुख्यमंत्री ने जवाब देना शुरू किया, लेकिन इसी दौरान विपक्ष ने मुख्यमंत्री का जवाब पूरा नहीं सुना और नारेबाजी करता रहा।

अध्यक्ष के मुताबिक, दोनों तरफ से नारेबाजी होने के कारण सदन में व्यवस्था नहीं बन सकी। ऐसी स्थिति में सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी और अंततः कार्यवाही को सोमवार दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

स्पीकर चेंबर के बाहर भाजपा विधायकों का प्रदर्शन

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के चेंबर के बाहर धरना दिया। विपक्षी विधायक सदन चलाने की मांग करते रहे और सत्तापक्ष पर सदन से भागने के आरोप लगाए।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष सदन को चलाना चाहता है और सरकार से चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बात विधानसभा अध्यक्ष के सामने रख रहा है और पहले दिन की कार्यवाही की उस वीडियो क्लिप की मांग कर रहा है, जिसके आधार पर राष्ट्रीय गान के अपमान का मुद्दा उठाया जा रहा है।

विपक्ष की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि विधानसभा सचिवालय को संबंधित क्लिप उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पहले दिन सदन में वास्तव में क्या हुआ था।

अध्यक्ष बोले- चेंबर में नहीं, सदन के भीतर निकलेगा समाधान

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ किया कि इस पूरे मामले का समाधान उनके चेंबर में नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सदन में क्या होगा, इसका फैसला सदन के भीतर ही होगा और मामले का समाधान दोनों पक्षों की मौजूदगी में सदन के भीतर निकलेगा।

उन्होंने कहा कि सदन पक्ष और विपक्ष दोनों की सहमति से चलता है। यदि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना रहेगा और नारेबाजी होती रहेगी तो सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना संभव नहीं होगा।

अध्यक्ष ने कहा कि शुक्रवार को राष्ट्रगीत के मुद्दे पर हंगामे के बाद सदन स्थगित करना पड़ा था। सदस्यों को सदन की परंपरा समझाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद गतिरोध जारी रहा। दूसरे दिन भी जब मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान विपक्ष की ओर से नारेबाजी हुई और दोनों तरफ से नारेबाजी की स्थिति बनी, तो सदन में व्यवस्था कायम नहीं हो सकी।

अब विधानसभा की कार्यवाही सोमवार दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू होगी। इसके साथ ही नजर इस बात पर रहेगी कि राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के अपमान को लेकर जारी गतिरोध किस तरह खत्म होता है और क्या विधानसभा में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ पाती है।