BJP विधायक के ऑफिस पर महिलाओं का हंगामा, आरोप- शिकायत लेकर पहुंचे थे, गोली मारने की धमकी दी
रेवाड़ी में बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार के ऑफिस के बाहर महिलाओं ने हंगामा किया। ग्रामीणों ने सस्पेंडेड सरपंच पर मारपीट और गोली मारने की धमकी का आरोप लगाया।
➤ पानी और सड़क की शिकायत लेकर पहुंची महिलाओं ने ऑफिस के बाहर किया हंगामा
➤ ग्रामीणों का आरोप- सस्पेंडेड सरपंच ने महिलाओं से मारपीट और अभद्रता की
➤ गोली मारने की धमकी के आरोप के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जांच की मांग
रेवाड़ी। रेवाड़ी में बावल से भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण कुमार के सेक्टर-1 स्थित ऑफिस के सामने शनिवार दोपहर बाद महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। ढाणी चांदपुर के ग्रामीणों का आरोप है कि वे गांव में पानी और सड़क की समस्या की शिकायत लेकर विधायक के पास पहुंचे थे, लेकिन विधायक से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसी दौरान विधायक के निजी सचिव (PA) ने गांव के सस्पेंडेड सरपंच को वहां बुला लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद सरपंच धर्मेंद्र ने शिकायत लेकर पहुंची महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की। मामला बढ़ने के बाद महिलाएं नारेबाजी करते हुए विधायक ऑफिस के गेट पर ही धरने पर बैठ गईं। सूचना मिलने पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया।
धरनास्थल पर मौजूद एक युवक ने आरोप लगाया कि जब वे विधायक ऑफिस पहुंचे थे, तब सरपंच धर्मेंद्र ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पानी और गली निर्माण की मांग लेकर पहुंचे थे ग्रामीण
ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार को चांदपुर की ढाणी के लोग पानी और गली निर्माण की मांग को लेकर विधायक डॉ. कृष्ण कुमार के ऑफिस पहुंचे थे। ग्रामीण अमित ने बताया कि इससे पहले विधायक के ऑफिस के स्टाफ की ओर से काम करवाने का आश्वासन दिया गया था। जब काम नहीं हुआ तो ग्रामीण दोबारा अपनी शिकायत लेकर शनिवार को विधायक ऑफिस पहुंचे।
ग्रामीणों के साथ गांव की महिलाएं भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि विधायक से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद ऑफिस के स्टाफ ने उनकी शिकायत सुनी और गांव के सरपंच धर्मेंद्र को वहां बुला लिया।
महिलाओं से मारपीट और अभद्रता का आरोप
ग्रामीण अमित ने आरोप लगाया कि सरपंच धर्मेंद्र के वहां पहुंचने के बाद उन्होंने धमकी देनी शुरू कर दी। अमित का आरोप है कि इसके बाद महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की गई। स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
ग्रामीणों के अनुसार पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई। इसके बाद महिलाओं और ग्रामीणों ने विधायक ऑफिस के सामने ही धरना शुरू कर दिया। महिलाएं विधायक ऑफिस के गेट पर बैठकर नारेबाजी करती रहीं और अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की।
सरपंच पर विकास कार्य नहीं करवाने का आरोप
ग्रामीण अमित ने सरपंच धर्मेंद्र को लेकर एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरपंच धर्मेंद्र सस्पेंड चल रहा है। पंचायत का चार्ज बहुमत वाले पंच के पास होने के बावजूद वह पंचायत का पूरा कामकाज देख रहा है।
अमित के मुताबिक, उनकी कॉलोनी वैध होने के बावजूद वहां की गलियां अभी भी कच्ची हैं और पीने के पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच द्वेष भावना के चलते उनकी कॉलोनी में विकास कार्य नहीं करवा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्या को लेकर शिकायत कर रहे हैं। शनिवार को इसी समस्या को लेकर वे विधायक कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन वहां विवाद की स्थिति बन गई और महिलाओं को धरने पर बैठना पड़ा।
पुलिस पहुंची मौके पर, समझाने का प्रयास
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें विधायक ऑफिस के बाहर पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की ओर से मारपीट, अभद्रता और गोली मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल ग्रामीण अपनी शिकायत और लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विधायक कार्यालय के बाहर हुए इस हंगामे के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Akhil Mahajan