लिव-इन रिलेशनशिप को महिला आयोग ने बताया “जहरीला लड्डू”
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने यमुनानगर में लिव-इन रिलेशनशिप को जहरीला लड्डू बताया। युवाओं को रिश्तों में सतर्क रहने और शादी से पहले काउंसलिंग की सलाह दी।
लिव-इन रिलेशनशिप को महिला आयोग अध्यक्ष ने बताया “जहरीला लड्डू”
रेनू भाटिया बोलीं- लड़की की मर्जी के बिना कोई होटल में नहीं ले जा सकता
युवाओं के लिए प्री-मेरिटल काउंसलिंग सेल यमुनानगर में खुलेगा
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया गुरुवार को यमुनानगर दौरे पर पहुंचीं। लघु सचिवालय स्थित जिला प्रशासन कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप एक “जहरीला लड्डू” है, जिसका असर आज नहीं तो कल जरूर सामने आता है।
रेनू भाटिया ने कहा कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और लिव-इन रिलेशनशिप के ट्रेंड समाज पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं। उन्होंने बेटियों और बेटों से अपील की कि ऐसे रिश्तों से बचें और यदि कोई कदम उठाएं तो पूरी समझदारी के साथ।
उन्होंने बताया कि महिला आयोग के पास अब तक करीब 13 हजार मामले पहुंचे हैं, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत मामले युवाओं से जुड़े हैं। इनमें रिलेशनशिप विवाद, एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर और तलाक से जुड़े मामले प्रमुख हैं। सोशल मीडिया के जरिए झूठे वादे कर रिश्ते बनाना समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है।
रेनू भाटिया ने युवतियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में जाने से पहले पार्टनर की पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। पढ़ा-लिखा होने का मतलब अपनी जड़ों को भूलना नहीं होता। कई मामलों में सामने आता है कि शादी का वादा कर होटल ले जाया गया या कोल्ड ड्रिंक में नशा मिलाने जैसे आरोप लगाए गए।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि तीन-चार साल के रिश्ते के बाद बिना लड़की की मर्जी के कोई उसे होटल नहीं ले जा सकता। अगर ऐसा होता है तो उसमें सहमति शामिल होती है। उन्होंने युवाओं को हद से ज्यादा मॉडर्न बनने से बचने की नसीहत दी।
महिला आयोग अध्यक्ष ने राष्ट्रीय महिला आयोग के नए कार्यक्रम प्री-मेरिटल कम्युनिकेशन की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पूरे देश में यह सेल स्थापित किया जाएगा। हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद अब यमुनानगर में भी यह सेल खोला जाएगा।
इस सेल के माध्यम से शादी से पहले युवाओं को काउंसलिंग दी जाएगी। उन्हें वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों, उतार-चढ़ाव और भविष्य में आने वाली चुनौतियों के बारे में समझाया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा हो चुकी है।
इससे पहले रेनू भाटिया ने डीसी कार्यालय में महिलाओं की शिकायतें सुनीं। उन्होंने 13 मामलों की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। अधिकतर मामले घरेलू हिंसा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि कई मामलों में शादी के 10 से 15 साल बाद भी ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप सामने आ रहे हैं।
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