हरियाणा में गिर रहा पारा, दिवाली तक रहेगा कूल-कूल मौसम
हरियाणा में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दिवाली तक मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा। सरसों की बुआई के लिए यह समय बेहद उपयुक्त बताया गया है।
➤हरियाणा में तापमान में लगातार गिरावट जारी
➤दिवाली तक रहेगा खुश्क और कूल मौसम
➤सरसों की बुआई के लिए मौसम उपयुक्त बताया गया
हरियाणा में मौसम अब धीरे-धीरे ठंड की दस्तक दे रहा है। पिछले पांच दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने से सुबह के समय ठंडक महसूस की जाने लगी है, जबकि दोपहर में सूर्य की हल्की तपिश बनी हुई है। फिलहाल राज्य में दिन का तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर है, लेकिन रात के तापमान में लगातार कमी आ रही है, जिससे दिन और रात के तापमान में दोगुने का अंतर बन गया है।
आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) के वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब दिन और रात के तापमान का अंतर घटने लगेगा, तभी ठंड तेजी से बढ़ेगी। अक्टूबर के अंत तक अगर उत्तर-पश्चिमी हवाएं जारी रहीं और मौसम में नमी नहीं आई, तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुँच सकता है।
हरियाणा के पिछले पांच दिनों के तापमान पर नजर डालें तो 11 अक्टूबर को 17.1 डिग्री, 12 अक्टूबर को 16.9, 13 अक्टूबर को 16.4, 14 अक्टूबर को 15.7 और 15 अक्टूबर को 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यानी हर दिन औसतन आधा डिग्री की गिरावट देखने को मिली है।
आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र सिंह ने बताया कि इस साल अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के कारण लगभग 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्यत: इस अवधि में सिर्फ 4 मिमी बारिश होती है। यह 649 प्रतिशत अधिक वर्षा रही, जिसने तापमान में तेज गिरावट ला दी। उन्होंने कहा कि बारिश की नमी अभी तक वातावरण में बनी हुई है, जिसके कारण तापमान औसत से नीचे बना हुआ है।
राज्य में गुरुग्राम और हिसार सबसे ठंडे जिले रहे। यहां न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1.5 डिग्री कम है। वहीं पलवल में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री, और रोहतक में 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रोहतक का तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री कम रहा।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा और दिन में धूप के साथ रातें ठंडी होती जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह मौसम सरसों की बुआई के लिए आदर्श है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस समय अच्छी किस्म की सरसों के बीजों की बुआई करें, ताकि उन्हें बेहतर उत्पादन मिल सके।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिवाली तक मौसम में बारिश की कोई संभावना नहीं है और हवा में हल्की ठंडक और खुश्की बनी रहेगी। नवंबर के पहले सप्ताह से हरियाणा में सर्दियों की औपचारिक शुरुआत हो सकती है।
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