वंदे मातरम् पर हरियाणा विधानसभा में बवाल, CM सैनी के बयान पर कांग्रेस का वॉकआउट
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में वंदे मातरम् की चर्चा पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान से हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस विधायकों ने विरोध में वॉकआउट किया। धान घोटाले, क्रीमीलेयर और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी तीखी बहस हुई।
■ वंदे मातरम् चर्चा पर सदन में हंगामा
■ CM सैनी का कांग्रेस पर मुस्लिम लीग के आगे झुकने का आरोप
■ कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट, धान घोटाले पर CBI जांच की मांग
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन का माहौल उस समय गरमा गया जब लंच के बाद वंदे मातरम् गीत को लेकर चर्चा शुरू हुई और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोल दिया। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1937 में मुस्लिम लीग के विरोध के चलते नेहरू ने नेताजी को पत्र लिखकर वंदे मातरम् को मुस्लिम भावनाओं के खिलाफ बताया था और कांग्रेस ने इस गीत पर समझौता कर इसके टुकड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे। मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
हंगामे के बीच स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कई बार विधायकों से शांत रहने की अपील की, लेकिन जब शोर-शराबा थमता नहीं दिखा तो कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री सैनी ने तंज कसते हुए कहा कि ये सवाल करते हैं, लेकिन जब जवाब दिया जाता है तो वॉकआउट कर जाते हैं। हालांकि कुछ समय बाद कांग्रेस विधायक वापस सदन में लौट आए और कार्यवाही फिर शुरू हुई।
सत्र की शुरुआत में मुलाना से विधायक पूजा चौधरी ने ‘जिसका खेत-उसका रेत’ की मांग उठाई। इस पर मंत्री आरती राव और श्रुति चौधरी ने विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। इसके बाद शून्यकाल में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने धान घोटाले को लेकर विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बड़ा घोटाला है और बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है। विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के धान के गेट पास हरियाणा में बन रहे हैं और अवैध बॉर्डर क्रॉसिंग हो रही है। विधायक बीबी बत्तरा ने सरकार से पूछा कि क्या इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने जवाब में कहा कि जहां खामियां मिलीं, वहां तुरंत कार्रवाई की गई है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बड़े-बड़े घोटाले कांग्रेस शासन में हुए थे। इस बयान पर फिर से सदन में हंगामा हुआ। अशोक अरोड़ा ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस काल के घोटालों का जिक्र हो रहा है तो उन मामलों की भी सीबीआई जांच करवाई जाए और आज ही विवाद खत्म किया जाए।
इसके बाद हिसार के आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश जांगड़ा ने क्रीमीलेयर सीमा बढ़ाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग की आय सीमा को बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2024 में केंद्र की तर्ज पर 8 लाख रुपये की सीमा लागू की गई थी और हरियाणा सरकार केंद्र के दिशानिर्देशों का पालन करती है। उन्होंने कहा कि यदि ओबीसी का एक भी बच्चा क्रीमीलेयर के कारण वंचित रहा है तो उसका नाम बताया जाए।
कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 1 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में मात्र 86 हजार युवाओं को रोजगार मिला था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार प्रदेश में बेरोजगारी दर 3.29 प्रतिशत है, जो उत्तरी भारत में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 1 लाख 22 हजार युवाओं को रोजगार दिया गया है और उन्हें 58 वर्ष तक नौकरी सुरक्षा का अधिकार मिला है।
अंत में स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सदन की कार्यवाही सोमवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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