हरियाणा में बारिश का कहर, हिसार में महिला की मौत, कई जिले जलमग्न
हरियाणा में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिसार और सिरसा में मकानों की छत गिरने से जनहानि हुई है। कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों पर खतरा मंडरा रहा है।
➤ हरियाणा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
➤ कई जिलों में स्कूल बंद, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम लागू
➤ हिसार और सिरसा में मकानों की छत गिरने से जनहानि
➤पानीपत पहुंचा हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी फसलें हुई तबाह
हरियाणा में सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह से लगातार हो रही बारिश ने पूरे प्रदेश में कहर बरपा दिया है। कई जिलों में स्कूल बंद, सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है। सबसे ज्यादा असर हिसार, पानीपत, यमुनानगर, करनाल, जींद, झज्जर और चरखी दादरी में देखने को मिला, जहां सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है।
हिसार जिले के कोथ कलां गांव में देर रात बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई, जिसमें दबकर महिला रायशा (33) की मौत हो गई। हादसे में उसका पति और तीनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह सिरसा के जोड़किया और पोहड़का गांव में मकानों की छत गिरने से दो युवकों को चोटें आई हैं।
फरीदाबाद जिले में यमुना नदी का पानी राजपुरा और बसंतपुर गांव तक पहुंच गया है। राजपुरा में खेतों में लगभग 50 एकड़ फसल डूब गई है। बसंतपुर गांव में 200 मकान खाली कराए गए और यमुना की तलहटी में बसे 6000 से ज्यादा परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो रहे हैं। इसी बीच फरीदाबाद के प्रह्लादपुर इलाके की झुग्गियों में 12 फीट लंबा अजगर निकल आया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
अंबाला में चंडीगढ़ हाईवे की सर्विस लेन पर पेड़ गिर गया, जबकि धीन गांव के सरकारी स्कूल में पानी भर जाने से सभी बच्चे और शिक्षक एक कमरे में शरण लेने को मजबूर हो गए। अंबाला में फिलहाल स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन प्रशासन सतर्क है।
प्रदेश की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी यमुना नदी को खतरे की स्थिति में ले आया है। सोमवार रात 2.29 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जो मंगलवार सुबह 2.07 लाख क्यूसेक रहा। घग्गर नदी में सिरसा के पास 34,500 क्यूसेक पानी बह रहा है, जिससे 20 से अधिक गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी खतरे के निशान पर बह रही है और शाहाबाद के गांव हेमामाजरा में नदी का पानी सड़कों पर आ गया है। अंबाला की टांगरी नदी में 11 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है, हालांकि फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है।
गुरुग्राम में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए सभी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस लगाने के आदेश दिए हैं। अरावली का बांध टूटने से कादरपुर समेत कई गांवों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया है।
हिसार में सात ड्रेन टूटने से 180 गांव जलमग्न हो गए हैं। 25 गांवों में बिजली गुल है और कई अस्पताल व स्कूलों में पानी घुस गया है। मंत्री रणबीर गंगवा के ससुराल आर्यनगर में सबसे ज्यादा तबाही हुई है, जहां सरकारी इमारतें और स्कूल तक डूब गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। पुलिस ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से सफर करने की सलाह दी है।
Akhil Mahajan