ताबड़तोड़ बारिश का 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद जानें मानसून कब हो रहा विदा, अब कैसा रहेगा मौसम?

हरियाणा से 22 सितंबर तक मानसून की विदाई हो जाएगी। 17 से 19 सितंबर तक बारिश के आसार हैं। इस बार मानसून सामान्य से 42% ज्यादा रहा और 27 साल का रिकॉर्ड टूटा।

ताबड़तोड़ बारिश का 27 साल का  रिकॉर्ड तोड़ने के बाद जानें मानसून कब हो रहा विदा, अब कैसा रहेगा मौसम?

➤ हरियाणा से  सितंबर अंत के आसपास विदा होगा मानसून
➤ 17 से 19 सितंबर तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार
➤ मानसून विदाई के बाद सर्दी की दस्तक जल्दी पड़ सकती है


हरियाणा में अब मानसून की विदाई का समय नजदीक है। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर के आसपास मानसून हरियाणा से रुखसत हो जाएगा। विदाई से पहले राज्य के कई हिस्सों में 17 से 19 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। उधर, अब मौसम साफ रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 16-17 सितंबर को पहाड़ों पर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनेगा। इसके असर से हरियाणा में बारिश की संभावना है। मानसून की विदाई की शुरुआत राजस्थान से होगी, जो 17 सितंबर से शुरू हो जाएगी।

इस बार हरियाणा में मानसून ने 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक राज्य में 564.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 42% अधिक है। पिछले साल हरियाणा से मानसून की विदाई 2 अक्तूबर को हुई थी।

चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मानसून के बाद भी अगर मौसमी सिस्टम सक्रिय हुए और बारिश हुई तो ठंड की दस्तक समय से पहले हो सकती है।

फसलों पर असर
हिसार कृषि विश्वविद्यालय के डा. मदन खीचड़ का कहना है कि 22 सितंबर तक मानसून विदा हो जाएगा। वहीं, आईएआरआई के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डा. वीरेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि जलभराव से धान की अगेती फसल को 15-20% नुकसान पहले ही हो चुका है। अगर अब बारिश हुई तो पकी हुई धान की फसल को 10-15% तक नुकसान हो सकता है।

उधर, हरियाणा में सोमवार को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला जिलों में बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम सामान्य और साफ रहने का अनुमान है। बारिश का दौर थमने के बाद अब दिन के समय गर्मी और उमस में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंचने लगा है।

रविवार को नूंह जिला राज्य का सबसे गर्म रहा, जहां 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके उलट सबसे ठंडा रहा पंचकूला, जहां अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार हरियाणा में मानसून के दौरान सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। 14 सितंबर तक प्रदेश में औसतन 401.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 564.8 मिमी बारिश हो चुकी है। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में हुई, जहां अब तक 1081.5 मिमी बरसात दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 मिमी हुई।

लगातार अधिक बारिश ने किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश के हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, यमुनानगर और अंबाला समेत कई जिलों में खेतों में पानी भरा हुआ है। निकासी न होने के कारण धान जैसी खरीफ फसलें खराब होने की कगार पर हैं। जिन किसानों की फसलें नुकसान झेल चुकी हैं, उनके लिए राज्य सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया था। कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि सोमवार को पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का अंतिम दिन है, इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने नुकसान का ब्यौरा समय रहते दर्ज करवा दें ताकि मुआवजा तय नियमों के अनुसार उन्हें उपलब्ध हो सके।