क्रॉस वोटिंग विवाद में परिवार में दरार, MLA के बेटे ने तोड़ा रिश्ता… हरियाणा में बढ़ाई गई सुरक्षा
हरियाणा में क्रॉस वोटिंग विवाद के बाद विधायक मोहम्मद इसराइल के बेटे नाजिम चौधरी ने उनसे रिश्ता तोड़ दिया, वहीं विधायक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
■ MLA के बेटे ने कहा- पिता ने किया विश्वासघात
■ क्रॉस वोटिंग विवाद के बीच सुरक्षा बढ़ाई गई
■ कांग्रेस से नाता मजबूत, पिता से रिश्ता खत्म
हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर उठे विवाद ने अब पारिवारिक रिश्तों तक को तोड़ दिया है। हथीन से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी के बेटे नाजिम चौधरी ने सार्वजनिक रूप से अपने पिता से रिश्ता तोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनके पिता ने पार्टी और विचारधारा के साथ विश्वासघात किया है, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकते।
नाजिम चौधरी, जो यूथ कांग्रेस में प्रदेश सचिव हैं, ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और हमेशा पार्टी के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की राजनीति में पांच पीढ़ियों से पहचान रही है और आज तक कभी कोई दाग नहीं लगा, लेकिन पिता के इस कदम से परिवार की साख को ठेस पहुंची है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह अपने पिता की दौलत और शोहरत को ठुकरा रहे हैं और अब अलग घर बनाकर रहेंगे।
नाजिम ने यह भी कहा कि वह केवल अपनी मां से मिलने ही घर जाएंगे और पिता से उनका कोई संबंध नहीं रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके चाचा डीएसपी एमएस खान की भी भूमिका रही है, इसलिए उन्होंने उनसे भी नाता तोड़ लिया है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसमें उनके पिता ही क्यों न शामिल हों।
इसी बीच विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी की सुरक्षा अचानक बढ़ा दी गई है। हरियाणा पुलिस ने उनकी सुरक्षा में 6 जवान तैनात किए हैं। पायलट गाड़ी में 4 सुरक्षाकर्मी उनके साथ रहेंगे, जबकि 2 जवान उनके हथीन स्थित आवास पर तैनात किए गए हैं। इससे पहले उनके पास 2 पीएसओ पहले से मौजूद थे।
शनिवार को ईद के मौके पर पलवल के डीसी हरीश कुमार वशिष्ठ और एसपी वरुण सिंगला विधायक के आवास पर पहुंचे और उन्हें ईद की बधाई दी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। चर्चा यह भी रही कि अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा करने पहुंचे थे।
यह मामला अब केवल राजनीतिक विवाद नहीं रहा, बल्कि परिवार के भीतर दरार और विचारधारा की टकराहट का प्रतीक बन गया है। एक तरफ जहां बेटा पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा पर अडिग है, वहीं पिता पर लगे आरोपों ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
Akhil Mahajan