हरियाणा में 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट,आंधी-बिजली और जलभराव का खतरा

हरियाणा में 20 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में आंधी, बिजली गिरने और जलभराव की चेतावनी दी गई है।

हरियाणा में 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट,आंधी-बिजली और जलभराव का खतरा

हरियाणा में आज से 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट
20 से 22 जुलाई तक कई जिलों में तेज बारिश की चेतावनी
आंधी, बिजली गिरने और जलभराव का खतरा बढ़ा

हरियाणा में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों के लिए 20 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

प्रदेश में करीब एक सप्ताह से अच्छी बारिश नहीं हुई थी। इसके कारण दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई और लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। अब बंगाल की खाड़ी और मानसूनी ट्रफ के सक्रिय होने से हरियाणा में फिर से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

रोहतक रहा सबसे गर्म

रविवार को प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। हालांकि इसमें पिछले दिन की तुलना में हल्की गिरावट भी देखी गई। सबसे अधिक तापमान रोहतक में 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि नारनौल में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में भी तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

9 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश

महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

जलभराव का खतरा

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 21 जुलाई को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों के लिए राहत

मानसून की वापसी से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की कमी के कारण बाजरा समेत खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा था। आगामी बारिश से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी और खेती को फायदा होगा।