कांग्रेस के 5 विधायकों पर आज फैसला, बैठक जारी क्रॉस वोटिंग मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत

हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों पर क्रॉस वोटिंग मामले में आज फैसला हो सकता है। चंडीगढ़ में अनुशासन समिति की बैठक जारी है।

कांग्रेस के 5 विधायकों पर आज फैसला, बैठक जारी क्रॉस वोटिंग मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत

क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस के 5 विधायकों पर आज बड़ा फैसला संभव
चंडीगढ़ में अनुशासन समिति की बैठक शुरू, दो महिला विधायक पहुंचीं
सस्पेंशन या निष्कासन पर मंथन, रिपोर्ट हाईकमान को जाएगी


हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोपों में घिरे कांग्रेस के 5 विधायकों के सियासी भविष्य पर आज बड़ा फैसला हो सकता है। चंडीगढ़ में कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DPC) की अहम बैठक शुरू हो गई है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक कर रहे हैं। बैठक में विधायकों को जारी शोकॉज नोटिस के जवाब, उनके बयानों और पार्टी के प्रति उनके रवैये पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

बैठक में नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और साढ़ौरा विधायक रेणू बाला पहुंच चुकी हैं, जबकि पुन्हाना के मोहम्मद इलियास और हथीन के मोहम्मद इजराइल ने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया है। वहीं रतिया विधायक जरनैल सिंह समेत अन्य विधायकों ने जवाब तो दिया है, लेकिन वे पार्टी के अंदरूनी गुटों, खासकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट पर खुलकर हमलावर हैं।कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DPC) की चंडीगढ़ में मीटिंग शुरू हो गई है। इसकी अध्यक्षता सोनीपत के पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar

सबसे अहम बात यह है कि इस बैठक में केवल क्रॉस वोटिंग की घटना ही नहीं, बल्कि उसके बाद विधायकों के सार्वजनिक बयान और गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, समिति का रुख सख्त दिख रहा है और विधायकों को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी नहीं दिया गया है, जिससे संकेत मिलते हैं कि पार्टी कड़ा फैसला ले सकती है।

कार्रवाई के विकल्पों में विधायकों को सस्पेंड करना या पार्टी से निष्कासित करना शामिल है। यदि सस्पेंड किया जाता है तो विधायक अपनी सीट बरकरार रखेंगे, लेकिन बागी रुख अपना सकते हैं। वहीं निष्कासन की स्थिति में भी उनकी विधायकी बनी रहेगी और वे पूरे कार्यकाल तक स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं।

इस मामले में एक और विकल्प यह है कि विधायक खुद इस्तीफा दें, जिससे उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। हालांकि पार्टी के लिए यह जोखिम भरा माना जा रहा है। दूसरी ओर, यदि पार्टी नरमी बरतती है तो इससे नेतृत्व की कमजोरी का संदेश जाने का खतरा भी बना हुआ है।रतिया विधायक सहित सभी पांचों विधायकों को कांग्रेस हाईकमान की ओर से इसी तरह नोटिस भेजे गए है।

अनुशासन समिति में पूर्व सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जो पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस हाईकमान को भेजेंगे। अंतिम निर्णय हाईकमान की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि इससे हरियाणा कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और भविष्य की दिशा तय होगी।