हरियाणा CM आज पेश करेंगे 2.15 लाख करोड़ तक का बजट, लाडो लक्ष्मी योजना पर बड़ा ऐलान संभव

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज 2.15 लाख करोड़ रुपए तक का बजट पेश करेंगे। लाडो लक्ष्मी योजना के विस्तार, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और MSME सेक्टर पर विशेष घोषणाओं की संभावना है।

हरियाणा CM आज पेश करेंगे 2.15 लाख करोड़ तक का बजट, लाडो लक्ष्मी योजना पर बड़ा ऐलान संभव

CM नायब सैनी बतौर वित्त मंत्री दूसरी बार पेश करेंगे बजट
लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में विस्तार की घोषणा संभव
इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और MSME सेक्टर पर फोकस


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज 2 मार्च को विधानसभा में अपना दूसरा बजट पेश करेंगे। बतौर वित्त मंत्री यह उनका दूसरा बजट भाषण होगा। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही बजट प्रस्तुति के साथ शुरू होगी। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार 2.15 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष 17 मार्च 2025 को पेश किए गए 2.05 लाख करोड़ रुपए के बजट से अधिक होगा।

इस बजट में सरकार की प्रमुख सामाजिक योजना लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे को बढ़ाने को लेकर अहम घोषणाएं संभव हैं। हाल ही में सदन में मुख्यमंत्री ने बताया था कि पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना एप पर 10 लाख 51 हजार 29 महिलाओं ने आवेदन किया है। 9 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 193 करोड़ रुपए की चौथी किस्त जारी की जा चुकी है और अब तक कुल 637 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। फरवरी 2026 से 1100 रुपए प्रतिमाह सीधे खाते में और 1000 रुपए एफडी के रूप में जमा करने की व्यवस्था लागू होगी। योजना के तहत पात्र परिवार की सभी महिलाएं लाभ ले सकेंगी।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को राहत देने के संकेत भी हैं। औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की संभावना जताई जा रही है। किसानों के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन में छूट और कृषि क्षेत्र में लगभग 15 प्रतिशत बजट वृद्धि के संकेत हैं। पिछले वर्ष कृषि को 1254 करोड़ रुपए मिले थे, जो इस बार 1500 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच सकता है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को इस बार प्राथमिकता सूची में शीर्ष स्थान दिया गया है। पिछले साल 4950.96 करोड़ रुपए मिले थे, जो इस बार 6500 करोड़ रुपए तक बढ़ सकते हैं। गुरुग्राम में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए सड़कों के चौड़ीकरण और मेगा ट्रैफिक प्लान पर भी विशेष फोकस रहेगा। परिवहन विभाग के लिए 5000 बसों के बेड़े में विस्तार और प्रत्येक जिले में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की योजना है।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार पहले से ही सबसे अधिक व्यय करती है। पिछले बजट में 22296 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। इस बार तकनीकी शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई कक्षाओं और पीएम श्री स्कूलों की स्थापना पर जोर रहेगा। स्वास्थ्य विभाग में 20 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है, जिससे बजट करीब 12500 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। हर जिले में कैंसर केयर यूनिट और मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना भी सामने आ सकती है।

पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग, शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग और समाज कल्याण विभाग में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। समाज कल्याण के लिए पिछले बजट में 16650 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे, जिससे 30 लाख से अधिक लोगों को पेंशन दी जाती है। इस बार इसमें 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है।

होम डिपार्टमेंट, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, में भी वृद्धि की उम्मीद है। प्रदेश में आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) के गठन के कारण लगभग 35 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक बोझ आने की संभावना है।

अब प्रदेश की जनता और विभिन्न वर्गों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बजट में राहत, विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन किस प्रकार साधा जाता है।