खुशी नर्सिंग कॉलेज प्रकरण में चेयरमैन गिरफ्तार, एससी एसटी एक्ट के तहत अरेस्ट, छात्राओं का धरना खत्म
नारनौंद में खुशी नर्सिंग कॉलेज मामले में एससी एसटी एक्ट के तहत चेयरमैन की गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तारी के बाद छात्राओं ने धरना समाप्त किया। नेताओं ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
➤ एससी एसटी एक्ट के तहत कॉलेज चेयरमैन की गिरफ्तारी
➤ गिरफ्तारी के बाद छात्राओं ने धरना किया समाप्त
➤ कई दलों के नेताओं की मौजूदगी में बना समाधान का रास्ता
नारनौंद में खुशी नर्सिंग कॉलेज प्रकरण में बुधवार को एससी एसटी एक्ट के तहत कॉलेज के चेयरमैन की गिरफ्तारी हुई है। जिसके बाद छात्राओं ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। यह आंदोलन बीते कई दिनों से पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था।
धरना समाप्त कराने और मामले के समाधान में सरकार की ओर से हांसी के भाजपा विधायक विनोद भ्याना मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्राओं, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अलग अलग स्तर पर बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। विधायक भ्याना ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
इस दौरान कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़, इनेलो की राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद लोहान और सुरेश कोथ भी धरना स्थल पर मौजूद रहे। सभी नेताओं ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।
कई दिनों तक कड़ाके की ठंड में धरने पर बैठी छात्राओं के चेहरों पर गिरफ्तारी के बाद साफ राहत दिखाई दी। छात्राओं का कहना है कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ व्यक्तिगत नहीं थी, बल्कि हर उस बेटी के अधिकार के लिए थी जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है। छात्राओं ने उम्मीद जताई कि अब प्रशासन आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेज और निष्पक्ष तरीके से पूरा करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह है मामला
कॉलेज की छात्राओं की शिकायत पर रविवार देर शाम नारनौंद थाना पुलिस ने कॉलेज के संचालक जगदीश गोस्वामी, उसकी पत्नी और बेटे अमनदीप के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। छात्राओं ने तीनों पर यौन शोषण और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने छात्राओं की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(4), 75(2) और 79 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद सोमवार को FIR में संशोधन भी कराया गया, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम बदला गया है।
शिकायत में ये लगाए थे आरोप
छात्राओं ने FIR में बताया कि कॉलेज संचालक इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट दिखाने के बहाने उन्हें पास बुलाता था और फिर जबरन बाथरूम में ले जाकर गलत तरीके से छूता था। विरोध करने पर करियर खराब करने की धमकी दी जाती थी। एक छात्रा ने बताया कि शोर मचाने पर धमकाया गया और वह किसी तरह वहां से निकल पाई, लेकिन इसके बाद भी उसे लगातार परेशान किया गया।
- एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि 20 अप्रैल 2025 को जब वह हॉस्टल के कमरे में सो रही थी, तभी चेयरमैन अचानक कमरे में घुस आया और उसकी चादर खींच ली। छात्रा के अनुसार, उस समय वह शॉर्ट्स में थी, जिससे उसे बेहद असहज महसूस हुआ। इसके बाद अश्लील टिप्पणियां की गईं।
- तीसरी छात्रा ने संचालक के बेटे अमनदीप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अकेले में मिलने का दबाव बनाया और अपशब्द कहे। छात्रा का आरोप है कि बाद में संचालक ने उसे अपने आवास पर बुलाया, जहां सिर पर सेब रखकर तीर से निशाना लगाया गया और गलत तरीके से काम करवाया गया। छात्रा ने यह भी कहा कि बीमार होने के बावजूद उसका इलाज नहीं कराया गया।
Akhil Mahajan