तिरंगे में लिपटे शहीद जोगिंदर कुंडू को अंतिम सलाम
हांसी के गांव मय्यड़ में शहीद जोगिंदर कुंडू का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। मंत्री रणवीर गंगवा ने श्रद्धांजलि दी। शहीद पीछे पत्नी और एक साल का बेटा छोड़ गए।
- हांसी के गांव मय्यड़ में शहीद जोगिंदर कुंडू का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
- कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा ने दी श्रद्धांजलि, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
- पीछे पत्नी, एक साल का बेटा और बहन को छोड़ गए, माता-पिता व भाई का पहले हो चुका निधन
हांसी के गांव मय्यड़ में गुरुवार को शहीद जोगिंदर कुंडू को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा के दौरान गांव देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। हर आंख नम थी और माहौल भावुक हो गया।
सीआईएसएफ और पुलिस के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा भी मौके पर पहुंचे और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जोगिंदर कुंडू सितंबर 2017 से इंडियन रिजर्व बटालियन में सेवाएं दे रहे थे। वह वर्तमान में अंडमान-निकोबार में तैनात थे। 23 दिसंबर को ड्यूटी के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया था। गुरुवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव मय्यड़ लाया गया।
शहीद जोगिंदर का पारिवारिक जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। फरवरी 2025 में उनके भाई का भी देहांत हो गया था। परिवार में अब उनकी पत्नी, एक साल का बेटा और एक शादीशुदा बहन हैं।
गांव मय्यड़ के सरपंच ने बताया कि जोगिंदर कुंडू बचपन से ही अनुशासनप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ थे। देश सेवा उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य था। अंतिम संस्कार के समय जब तिरंगे को सलामी दी गई, तो पूरा गांव भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। ग्रामीणों ने कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
Akhil Mahajan