गुरुग्राम सुहेब हत्याकांड का खुलासा: बहन के अफेयर के शक में जिशान ने रची डेढ़ साल पुरानी साजिश

गुरुग्राम में सुहेब हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। दोस्त जिशान ने बहन के अफेयर के शक में नौकरी का लालच देकर हत्या की साजिश रची।

गुरुग्राम सुहेब हत्याकांड का खुलासा: बहन के अफेयर के शक में जिशान ने रची डेढ़ साल पुरानी साजिश

➤ दुबई में साथ काम करते थे सुहेब और जिशान, मोबाइल फोटो से हुआ शक
➤ भारत लौटने के बाद नौकरी का लालच देकर गुरुग्राम बुलाया
➤ शराब पिलाकर हत्या, शव नाले में फेंका; तीन आरोपी गिरफ्तार


गुरुग्राम में हुए सुहेब हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी जिशान और मृतक सुहेब दुबई में साथ काम करते थे। इसी दौरान जिशान ने सुहेब के मोबाइल फोन में अपनी बहन की आपत्तिजनक तस्वीरें देख ली थीं। इसके बाद उसे दोनों के बीच प्रेम संबंध होने का शक हुआ, जिसने धीरे-धीरे नफरत और बदले की भावना का रूप ले लिया।

पुलिस के अनुसार, जिशान ने दुबई में ही सुहेब की हत्या की योजना बना ली थी, लेकिन वहां मौका नहीं मिला। करीब डेढ़ साल बाद, जब दोनों भारत लौटे, तो उसने अपनी साजिश को अंजाम देने की तैयारी शुरू कर दी। भारत आने के बाद सुहेब ने जिशान से उसकी बहन से शादी की बात भी कही, लेकिन जिशान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। जब उसने अपनी बहन से इस कथित रिश्ते के बारे में पूछा, तो उसने साफ इनकार कर दिया।

इसके बाद जिशान 23 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव गया और सुहेब को गुरुग्राम में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। अधिक कमाई और सैलून में काम का लालच देकर वह उसे गुरुग्राम ले आया। 24 जनवरी तक सुहेब, जिशान के कमरे में ही रुका।

पुलिस के मुताबिक, 24–25 जनवरी की रात जिशान ने शराब पार्टी रखी। उसने सुहेब को अधिक शराब पिलाई और नशे की हालत में इलेक्ट्रिक वायर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर राजेंद्र पार्क इलाके के प्रकाशपुरी स्थित नाले में फेंक दिया गया। शव ठिकाने लगाने में जिशान के साथ उसके दो साथी अतुल (40) और दिव्यम (21) भी शामिल थे।

हत्या के बाद जिशान ने खुद को बेगुनाह दिखाने के लिए शातिराना नाटक किया। वह सुहेब के पिता अकबर के साथ थाने गया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार के साथ सहानुभूति जताता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।

हालांकि पुलिस को उसकी बातों में लगातार विरोधाभास दिखा। पहले उसने कहा कि सुहेब को ऑटो से दिल्ली भेजा, फिर बस स्टैंड छोड़ने की बात कहने लगा। सुहेब की लास्ट मोबाइल लोकेशन भी जिशान के साथ मैच हो गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी शव ले जाते हुए दिखाई दिए। सख्त पूछताछ में जिशान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इसके बाद नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से नाले से सुहेब का शव बरामद किया। शव सड़ी-गली अवस्था में मिला था। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का बयान

आनंद गार्डन चौकी इंचार्ज PSI अमित ने बताया कि आरोपी ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बयान बदलने और तकनीकी साक्ष्यों के कारण वह पकड़ में आ गया। फिलहाल तीनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है।