गुरुग्राम में GRAP-4 लागू, हवा हुई और जहरीली AQI 408 पहुंचा, शहर में कड़ी पाबंदियां शुरू
गुरुग्राम में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते GRAP-4 लागू कर दिया गया है। AQI 408 पहुंचने पर निर्माण कार्य बंद, भारी वाहनों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम के निर्देश संभव।
• दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते GRAP-4 लागू, गुरुग्राम में सख्त पाबंदियां
• रविवार सुबह ग्वाल पहाड़ी CPCB स्टेशन पर AQI 408, स्थिति गंभीर
• निर्माण कार्य बंद, भारी वाहनों की एंट्री रोकी, वर्क फ्रॉम होम के आदेश संभव
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-4 स्टेज के नियम लागू कर दिए हैं। इसके बाद गुरुग्राम में भी कड़े प्रतिबंध प्रभावी कर दिए गए हैं। शनिवार शाम से ही शहर की हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई है।
रविवार सुबह 8 बजे ग्वाल पहाड़ी स्थित CPCB के मॉनिटरिंग सेंटर पर AQI 408 दर्ज किया गया। यह स्तर सीधे गंभीर श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
GRAP-4 लागू होते ही ट्रक, लोडर और अन्य भारी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इन वाहनों को गुरुग्राम बॉर्डर पर ही रोका जा रहा है। हालांकि आवश्यक सेवाओं और जरूरी सामान की सप्लाई करने वाले वाहनों को छूट दी गई है।
शहर में सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। खुले में धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
GRAP-4 के तहत सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करना होगा, जबकि शेष कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। यह निर्देश पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 5 के तहत जारी किए गए हैं। जिला स्तर पर डीसी द्वारा इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किए जा सकते हैं।
प्रदूषण कम करने के लिए डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर आपात सेवाओं को छोड़कर पूरी तरह रोक रहेगी। सड़कों पर पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल और खुले में कूड़ा, पत्ते व पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर 24×7 निगरानी की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना व सख्त कार्रवाई होगी।
GRAP के नियम प्रदूषण की स्थिति के अनुसार चार चरणों में लागू होते हैं। AQI 201 से 300 के बीच पहले चरण, 301 से 400 पर दूसरे चरण, 401 से 450 पर तीसरे चरण और AQI 450 से ऊपर जाने पर चौथे चरण की सबसे कड़ी पाबंदियां लागू की जाती हैं।
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. लोकवीर ने बताया कि वायु प्रदूषण एक साइलेंट किलर है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण धीरे-धीरे फेफड़ों, दिल और दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-खांसी या थकान जैसे लगते हैं, लेकिन लंबे समय में यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और कैंसर तक का खतरा बढ़ा देता है।
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