सोने-चांदी के भाव में अचानक बड़ी गिरावट? जानिए कहां पहुंच गई कीमतें और क्‍यों धड़ाम हुए दाम

29 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। 24 कैरेट सोना 1,47,980 रुपये और चांदी 2.23 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंची।

सोने-चांदी के भाव में अचानक बड़ी गिरावट? जानिए कहां पहुंच गई कीमतें और  क्‍यों धड़ाम हुए दाम

सोने की कीमत में 4,133 रुपये की गिरावट, 24 कैरेट 1,47,980 रुपये पर आया
➤ चांदी 9,297 रुपये टूटकर 2.23 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंची
➤ मजबूत डॉलर, महंगा कच्चा तेल और वैश्विक बिकवाली से कीमती धातुओं पर दबाव

सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सोमवार 28 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 4,133 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोने का भाव 1.48 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई और यह 9,297 रुपये टूटकर 2.23 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।

29 सितंबर को 24 कैरेट सोने का क्या है भाव

आज यानी 29 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,47,980 रुपये है। इसके अलावा 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,35,550 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,10,985 रुपये है।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम

शहरवार कीमतों की बात करें तो 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम दिल्ली में 15,031 रुपये, मुंबई में 15,016 रुपये, कोलकाता में 15,016 रुपये, चेन्नई में 14,908 रुपये, बेंगलुरु में 15,016 रुपये, हैदराबाद में 15,016 रुपये, केरल में 15,016 रुपये, पुणे में 15,016 रुपये और वडोदरा में 15,021 रुपये है।

वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम दिल्ली में 13,779 रुपये, मुंबई में 13,764 रुपये, कोलकाता में 13,764 रुपये, चेन्नई में 13,665 रुपये, बेंगलुरु में 13,764 रुपये, हैदराबाद में 13,764 रुपये, केरल में 13,764 रुपये, पुणे में 13,764 रुपये और वडोदरा में 13,769 रुपये है।

मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से सोने-चांदी पर दबाव

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली प्रमुख हैं।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि मजबूत डॉलर ने इन कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा।

गौरव गर्ग के मुताबिक, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 फीसदी बढ़कर 108.53 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई जब डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के 7-दिवसीय शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

सितंबर में सोना 8 हजार और चांदी 14 हजार रुपये हुई सस्ती

सितंबर महीने में भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अब तक सोने की कीमत में 8 हजार रुपये की गिरावट आई है, जबकि चांदी करीब 14 हजार रुपये सस्ती हुई है।

31 अगस्त को सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1.56 लाख रुपये थी, जो अब 1.48 लाख रुपये है। इसी तरह अगस्त के मुकाबले 1 किलो चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये से गिरकर 2.23 लाख रुपये पर आ गई है।

अमेरिकी फेड के फैसले का भी असर

सोने की कीमतों में गिरावट के एक कारण के तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 3 साल में पहली बार ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिसके चलते सोने की कीमतों में गिरावट आई है।

दरअसल, जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है तो निवेशकों को सरकारी बॉन्ड यानी US Treasury Bonds और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश सोने के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाला लग सकता है। इसी वजह से ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने से पैसा निकालकर इन विकल्पों में लगा सकते हैं।

हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच जारी जंग और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर एक बार फिर सोने का रुख कर सकते हैं।

आज के सोने-चांदी के रेट पर क्यों बनी है नजर

एक तरफ सोने और चांदी में हाल के दिनों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में 29 सितंबर को सोने का 24 कैरेट भाव 1,47,980 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2.23 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंचना बाजार के लिए अहम बदलाव है।

खरीदारों और निवेशकों की नजर अब आगे कीमतों की चाल पर रहेगी, क्योंकि रिपोर्ट में एक ओर ब्याज दरों और मजबूत डॉलर से दबाव का उल्लेख है, तो दूसरी ओर आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की मांग बढ़ने की संभावना भी बताई गई है।