सोना ₹10 हजार और चांदी ₹18 हजार महंगी, सरकार ने बढ़ाया टैक्स

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी की इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। फैसले के बाद सोना ₹10 हजार और चांदी ₹18 हजार महंगी हो गई है।

सोना ₹10 हजार और चांदी ₹18 हजार महंगी, सरकार ने बढ़ाया टैक्स

सरकार ने सोना-चांदी की इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की

फैसले के बाद सोना ₹10 हजार और चांदी ₹18 हजार महंगी हुई

PM मोदी पहले ही कर चुके हैं सोना न खरीदने की अपील

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी में बड़ा इजाफा कर दिया है। सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दी है। इस फैसले के बाद बुधवार को MCX यानी वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।

13 मई को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.63 लाख रुपए तक पहुंच गया, जबकि 1 किलो चांदी की कीमत बढ़कर लगभग 2.97 लाख रुपए हो गई। सोना करीब 10 हजार रुपए और चांदी लगभग 18 हजार रुपए महंगी हो गई है।

सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस यानी AIDC लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% किया था।

सरकार का कहना है कि यह फैसला विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करने और आयात घटाने के लिए लिया गया है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और घरेलू मांग पूरी करने के लिए बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात करना पड़ता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार विदेशी मुद्रा बचाने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में रुपया भी डॉलर के मुकाबले 95.50 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था।

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने हालांकि इस फैसले पर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोने की तस्करी फिर बढ़ सकती है। इससे पहले जब सरकार ने ड्यूटी घटाई थी, तब स्मगलिंग में कमी देखने को मिली थी।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार चालू खाता घाटा यानी Current Account Deficit को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठा रही है। हालांकि पहले से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है।

हाल ही में सरकार ने सोना-चांदी पर 3% IGST नियमों में भी बदलाव किया था। नए नियमों के तहत अब बैंकों को सोना आयात करते ही तुरंत टैक्स जमा करना पड़ रहा है। इससे बैंकों की बड़ी पूंजी एडवांस टैक्स में फंस रही है।

पहले बैंक बॉन्डेड वेयरहाउस सुविधा के जरिए सोना बिकने के बाद टैक्स चुकाते थे, लेकिन अब तत्काल भुगतान की वजह से कई बैंकों ने फिलहाल सोने का आयात रोक दिया है। अनुमान है कि अप्रैल में सोने का आयात केवल 15 टन रहा, जो कोविड काल को छोड़कर पिछले 30 वर्षों में सबसे कम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार दो दिन देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों को एक साल तक सोने की खरीदारी टालनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि पहले संकट के समय लोग देशहित में सोना दान करते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में लोगों को कुछ समय तक सोने की खरीद रोकनी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम लंबी अवधि में व्यापार घाटा कम करने और रुपए को मजबूती देने में मदद कर सकता है। हालांकि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और ज्वेलरी बाजार की मांग पर पड़ने की संभावना है।