हरियाणा में पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चला रहा था पाकिस्तानी जासूस ! पुलिस ने ऐसे दबोचा
पंचर की दुकान की आड़ में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क का खुलासा, 22 आरोपी गिरफ्तार।
➤ फोटो-वीडियो भेजकर पाकिस्तान से लेता था पैसे
➤ देशभर में 50 सोलर कैमरे लगाने की थी साजिश
हरियाणा के फरीदाबाद में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जहां गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए काम कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान नौशाद अली उर्फ लालू के रूप में हुई है, जो गांव नचौली स्थित पेट्रोल पंप पर पंचर बनाने की दुकान चला रहा था और उसी की आड़ में जासूसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि नौशाद पिछले तीन महीनों से यहां काम कर रहा था, जबकि वह मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मेरठ का रहने वाला सुहेल बताया जा रहा है, जिसके जरिए देशभर में करीब 22 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में मथुरा निवासी मीरा को भी गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील लोकेशनों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए पाकिस्तान भेजता था। इसके बदले आरोपियों को प्रति फोटो 4 से 6 हजार रुपए तक मिलते थे। इतना ही नहीं, इन लोगों ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों के पास सोलर कैमरे भी लगाए थे, जिनका सीधा एक्सेस पाकिस्तान में मौजूद लोगों के पास था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क का देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने का प्लान था, जिनके जरिए लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग की जा रही थी। पुलिस ने अब तक दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास लगाए गए कैमरों को बरामद कर लिया है और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
गिरफ्तारी की कार्रवाई 16 मार्च को उस समय हुई, जब गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में पेट्रोल पंप पर पहुंची और कर्मचारियों से पूछताछ के बाद नौशाद को दबोच लिया। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ, लेकिन जब रविवार को पुलिस दोबारा पहुंची और देशद्रोह के आरोप की जानकारी दी गई, तब कर्मचारियों के होश उड़ गए।
इस पूरे मामले में यूपी पुलिस, एटीएस, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को खंगाल रही हैं।
Akhil Mahajan