जानें किस देश में सबसे सस्‍ता सोना, भारत में दाम 1.23 लाख पार

2025 में सबसे सस्ता सोना रूस, हांगकांग और तुर्की में मिल रहा है। भारत में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1.23 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी है। वहीं दुबई, बहरीन और कुवैत में सोना टैक्स कम होने की वजह से 10–15% सस्ता है।

जानें किस देश में सबसे सस्‍ता सोना,  भारत में दाम 1.23 लाख पार

2025 में सबसे सस्ता सोना रूस, हांगकांग और तुर्की में मिल रहा है
➤भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 1.23 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंची
➤ दुबई, बहरीन और कुवैत में टैक्स कम होने से गोल्ड रेट्स भारत से सस्ते


सोना सदियों से निवेश और श्रृंगार दोनों का प्रतीक रहा है, लेकिन हर देश में इसकी कीमतें एक समान नहीं होतीं। कर, आयात शुल्क और वैश्विक मांग के कारण अलग-अलग देशों में सोने की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।

अक्टूबर 2025 में भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,23,035 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यही सोना 78,040 रुपये प्रति 10 ग्राम में बिक रहा था। यानी एक साल में सोने के दाम में करीब 45 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

त्योहारों के सीजन — दशहरा, करवा चौथ और दिवाली — के चलते देशभर में सोने की मांग बढ़ी है। इसी बीच जानिए किन देशों में भारत से कहीं सस्ता सोना मिल रहा है।


🌍 2025 में सबसे सस्ता सोना मिलने वाले टॉप 10 देश

रैंक देश 24K (₹/10g) 22K (₹/10g) 18K (₹/10g)
1️⃣ रूस ₹1,03,910 ₹1,13,370 ₹92,760
2️⃣ तुर्की ₹1,13,040 ₹1,03,550 ₹84,800
3️⃣ हांगकांग ₹1,13,140 ₹1,03,620 ₹84,820
4️⃣ कुवैत ₹1,13,570 ₹1,04,240 ₹85,220
5️⃣ दुबई (UAE) ₹1,14,740 ₹1,06,280 ₹87,200
6️⃣ बहरीन ₹1,14,420 ₹1,07,120 ₹87,580
7️⃣ अमेरिका (USA) ₹1,15,360 ₹1,09,148 ₹88,750
8️⃣ इंडोनेशिया ₹1,12,990 ₹1,03,500 ₹84,880
9️⃣ सिंगापुर ₹1,18,880 ₹1,07,860 ₹87,930
🔟 ऑस्ट्रेलिया ₹1,21,870 ₹1,08,980 ₹89,060

भारत: ₹1,23,035 (24K), ₹1,11,850 (22K), ₹91,520 (18K)


क्यों सस्ता है कुछ देशों में सोना

दुबई, कुवैत और तुर्की जैसे देशों में आयात शुल्क और टैक्स बहुत कम हैं। वहीं रूस और हांगकांग में स्थानीय खनन व बाजार की आपूर्ति अधिक होने के कारण कीमतें भारत की तुलना में 10-15% तक कम रहती हैं।


भारत में कीमतें इतनी ऊंची क्यों हैं

भारत में सोने पर 12.5% आयात शुल्क और 3% जीएसटी लागू होता है। साथ ही रुपये की गिरावट और अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं।