7 सितंबर को लगेगा साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण, भारत समेत हरियाणा में दिखेगा असर, जानें

7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा। भारत सहित कई देशों में दिखाई देने वाले इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:59 बजे से शुरू होगा। जानें समय, राशियों पर प्रभाव और उपाय।

7 सितंबर को लगेगा साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण, भारत समेत हरियाणा में दिखेगा असर, जानें

7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा
भारत समेत कई देशों में पूर्ण चंद्र ग्रहण स्पष्ट दिखाई देगा
ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:59 बजे से शुरू होगा


चंद्र ग्रहण 2025 खगोलीय, धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस वर्ष का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा।

ग्रहण का समय
यह ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर रात 1 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। कुल अवधि लगभग 3 घंटे 29 मिनट की होगी। खगोल विज्ञान के लिहाज से यह एक अद्भुत आकाशीय घटना होगी, वहीं धार्मिक दृष्टिकोण से इसे अशुभ काल माना जाता है।

सोनीपत
चंद्र ग्रहण प्रारंभ – 09:58 पी एम
चंद्र ग्रहण समाप्त – 01:26 ए एम, 8 सितंबर

सूतक काल का प्रभाव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है। इस लिहाज से 7 सितंबर की दोपहर 12:59 बजे से सूतक काल आरंभ होकर ग्रहण समाप्ति तक रहेगा। सूतक में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और केवल मंत्र-जप तथा ध्यान करना शुभ माना जाता है।

ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा
यह ग्रहण न केवल भारत बल्कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, एशिया, यूरोप, उत्तरी और पश्चिमी अमेरिका तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी नजर आएगा।

ज्योतिषीय प्रभाव
यह ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगने जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण शुभ साबित होगा। इन्हें धन लाभ, करियर-कारोबार में सफलता और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होगी। जबकि मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को सतर्क रहना होगा। इन्हें नए कार्य, निवेश और यात्रा से बचना चाहिए।

राशि अनुसार दान का महत्व
इस ग्रहण के दौरान दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मेष राशि वाले मसूर की दाल, वृषभ वाले सफेद वस्तुएं, मिथुन वाले हरे वस्त्र, कर्क वाले मिश्री युक्त दूध, सिंह वाले गुड़, कन्या वाले हरी मूंग, तुला वाले चावल और घी, वृश्चिक वाले लाल वस्तुएं, धनु वाले दाल, मकर वाले तिल, कुंभ वाले तेल और मीन राशि वाले हल्दी का दान कर लाभ पा सकते हैं।

क्या करें और क्या न करें
ग्रहण काल में सोना, भोजन बनाना और खाना, बाल-नाखून काटना, यात्राएं और खरीदारी वर्जित मानी गई है। गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए। वहीं इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र और विष्णु गायत्री मंत्र का जप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।