करवा चौथ 2025: हरियाणा में दिखा चांद, महिलाओं ने अर्घ्य देकर खोला व्रत
हरियाणा में करवा चौथ 2025 का पर्व धूमधाम से मनाया गया। करनाल में 8:37 बजे और गुरुग्राम में 8:25 बजे चांद दिखाई दिया। सुहागिनों ने चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी आयु की कामना की। बाजारों में जबरदस्त रौनक रही।
➤ करनाल में रात 8:37 पर दिखा चांद, महिलाओं ने किया व्रत पारण
➤ गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला समेत हरियाणा के शहरों में हुआ चंद्र दर्शन
➤ बाजारों में रही जबरदस्त रौनक, सुहागिनों ने मेहंदी और करवे की खूब खरीदारी
हरियाणा में करवा चौथ 2025 का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। गुरुवार शाम जैसे ही आसमान में चांद नजर आया, वैसे ही सुहागिन महिलाओं के चेहरे खिल उठे। पूरे राज्य में करवा चौथ की रौनक सुबह से ही देखने को मिली — बाजारों में चूड़ियों, साड़ियों, मेहंदी और पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़ लगी रही।
इस वर्ष हरियाणा के अलग-अलग जिलों में चांद के निकलने का समय अलग-अलग रहा। करनाल में रात 8:37 बजे, गुरुग्राम में 8:25 बजे, फरीदाबाद में 8:24 बजे, हिसार में 8:29 बजे, सोनीपत में 8:24 बजे, चंडीगढ़ में 8:20 बजे और अंबाला में 8:11 बजे चांद दिखाई दिया। मौसम साफ रहने के कारण अधिकांश जगहों पर महिलाएं समय पर चंद्र दर्शन कर सकीं।
करनाल में महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए चांद को अर्घ्य दिया और मंत्रोच्चारण के साथ व्रत का समापन किया। पारंपरिक मंत्र —
“ऊं श्रा श्रीं श्रीं स: चंद्रमसे नमः”
का जाप कर महिलाएं पूजा में लीन दिखाई दीं।
इस मौके पर करनाल, रादौर, और गोहाना में महिलाएं पारंपरिक वस्त्रों में सजीं-धजी नजर आईं। महिलाओं ने गीत-संगीत, खेलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए इस पर्व को आनंदमय बनाया। गोहाना में कांग्रेस नेता दिवांशु बुद्धि राजा और उनकी पत्नी डॉ. आयना ने भी अपनी पहली करवा चौथ धूमधाम से मनाई। उन्होंने कहा कि “यह हमारी संस्कृति का पर्व है, जो परिवारों को जोड़ने और प्रेम का प्रतीक है।”
वहीं बाजारों में भी करवा चौथ की चहल-पहल रही। मेहंदी लगाने वालों और ज्वेलरी दुकानों पर भीड़ देखी गई। दुकानदारों के मुताबिक, महिलाओं ने ₹500 से ₹2000 तक की मेहंदी डिज़ाइन लगवाई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बार बिक्री उम्मीद से बेहतर रही।
रादौर में भी महिलाओं की हलचल रही, हालांकि दुकानदारों ने बताया कि अब महिलाएं पहले ऑनलाइन कीमतें देखकर बाजार में आती हैं। इसके बावजूद स्थानीय बाजारों की चमक कम नहीं पड़ी।
राज्यभर में महिलाएं रात तक चांद का इंतजार करती रहीं, और जैसे ही चंद्रमा का दीदार हुआ, सभी ने अपने पति की लंबी आयु और दांपत्य सुख की मंगलकामनाएं करते हुए व्रत खोला।