VIP नंबर HR88B8888 की दोबारा नीलामी, 1.17 करोड़ वाली बोली फेल

हरियाणा का सबसे महंगा गाड़ी नंबर HR88B8888, जिसकी नीलामी 1.17 करोड़ में हुई थी, अब दोबारा नीलाम किया जाएगा। विजेता बोलीदाता तकनीकी समस्या और परिवार की आपत्ति के कारण रकम जमा नहीं करा पाए।

VIP नंबर HR88B8888 की दोबारा नीलामी, 1.17 करोड़ वाली बोली फेल
  • VIP नंबर HR88B8888 की दोबारा नीलामी होगी
  • 1.17 करोड़ की बोली लगाने वाला भुगतान नहीं कर पाया
  • टेक्निकल दिक्कत और परिवार की आपत्ति बनी वजह

हरियाणा का सबसे चर्चित और महंगा वीआईपी वाहन नंबर HR88B8888 अब दोबारा नीलाम किया जाएगा। यह वही नंबर है, जिसकी बोली पिछले सप्ताह ऑनलाइन नीलामी में 1.17 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी और जिसने पूरे प्रदेश में चर्चा पैदा कर दी थी। लेकिन, नीलामी जीतने वाले बोलीदाता ने निर्धारित समय में राशि जमा नहीं कराई, जिसके बाद सरकार ने यह नंबर फिर से नीलाम करने का फैसला किया।

जानकारी के अनुसार, यह नंबर रोमुलस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के ट्रांसपोर्ट सर्विस डायरेक्टर सुधीर कुमार ने जीत लिया था। उनकी बोली सबसे अधिक रही और दो दिन तक चली नीलामी प्रक्रिया के बाद वह नंबर के अंतिम विजेता बने। नियमों के मुताबिक उन्हें 1 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक पूरी राशि जमा करवानी थी, लेकिन भुगतान सफल नहीं हो पाया।

सुधीर कुमार ने बताया कि उन्होंने शनिवार रात दो बार भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण पेमेंट प्रोसेस पूरी नहीं हुई। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परिवार के सदस्य एक नंबर पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के खिलाफ थे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का मानना था कि 1.17 करोड़ रुपए सिर्फ नंबर प्लेट पर खर्च करना समझदारी नहीं है।

इस बीच, परिवहन विभाग ने पुष्टि की है कि अब यह नंबर दुबारा नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। जल्द ही इसकी नई तिथि जारी होगी।


हरियाणा में VIP नंबरों की नीलामी प्रक्रिया
हरियाणा में हर सप्ताह ऑनलाइन नीलामी सिस्टम के माध्यम से VIP और फैंसी नंबर आवंटित किए जाते हैं।

  • शुक्रवार शाम 5 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।

  • बुधवार शाम 5 बजे अंतिम परिणाम घोषित किए जाते हैं।
    पिछले सप्ताह सबसे अधिक आवेदन HR88B8888 के लिए मिले, जिस पर 45 प्रतिभागियों ने बोली लगाई थी।
    इसके लिए आधार बोली 50,000 रुपए रखी गई थी, जो चरणबद्ध बढ़ते हुए 1.17 करोड़ रुपए पर जाकर थमी।