बिना किसी नोटिस आधी रात महिला वकील के चैम्बर पर चली JCB, एडवोकेट्स ने बुलाई आपात बैठक

यमुनानगर जिला कोर्ट परिसर में महिला वकील के चैंबर को बिना सूचना व नोटिस के जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया। वकील समुदाय ने इसे मनमानी बताते हुए आपात बैठक बुलाई। बार एसोसिएशन ने प्रशासन से 384 परमानेंट चैंबर उपलब्ध कराने की मांग की और कार्रवाई के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है।

बिना किसी नोटिस आधी रात महिला वकील के चैम्बर पर चली JCB, एडवोकेट्स ने बुलाई आपात बैठक

➤ यमुनानगर जिला कोर्ट परिसर में महिला वकील का चैंबर जेसीबी से ध्वस्त
➤ वकील समुदाय ने प्रशासन की कार्रवाई को बताया मनमानी, आपात बैठक बुलाई
➤ बार एसोसिएशन ने 384 permanente चैंबर का हवाला दिया, अतिरिक्त व्यवस्थाओं की मांग


यमुनानगर जिला कोर्ट परिसर में मंगलवार रात एक महिला वकील के चैंबर को लेकर अचानक और तेज कार्रवाई का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी मशीन की मदद से उक्त चैंबर को अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया। इस अप्रत्याशित कदम से वकील समुदाय में व्यापक आक्रोश फैल गया है। वकीलों का आरोप है कि इस मनमानी कार्रवाई के कारण न केवल उनके कार्यस्थल नष्ट हुए, बल्कि महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें भी खतरे में पड़ गई हैं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

जेसीबी द्वारा ध्वस्त किए गए चैंबर के पास बैठी महिला अधिवक्ता। - Dainik Bhaskar

वकील समुदाय का कहना है कि कार्रवाई इतनी गोपनीय और तीव्र गति से की गई कि महिला वकील को अपने जरूरी कागजात और सामान बचाने का भी कोई मौका नहीं मिला। स्थानीय बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस कदम को पूरी तरह से अनुचित बताते हुए कहा कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व चर्चा, वैकल्पिक व्यवस्था या नोटिस के ऐसा किया। घटना के तुरंत बाद बुधवार को वकील समुदाय ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की जाएगी ताकि इस मामले पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

चैंबर ध्वस्त करने की कार्रवाई की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर पहुंचे वकील।

वकीलों के अनुसार उनके पास केवल 384 परमानेंट चैंबर हैं। इसके अलावा, जहां जगह मिल जाती है, वहीं अन्य वकील मजबूरी में बैठकर कार्य कर रहे हैं। पहले से 22 कोर्ट यहां संचालित हो रहे हैं और 10 और कोर्ट मंजूर हो चुके हैं, लेकिन वकीलों के लिए स्थायी व्यवस्थाओं पर कोई कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन द्वारा चैंबर ध्वस्त करने की कार्रवाई की सूचना मिलते ही वकील मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज चेक की। इस दौरान एसडीएम और नायब तहसीलदार भी मौके पर मौजूद थे, जिनकी देखरेख में यह कार्रवाई की गई थी।

बार एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि बिना नोटिस व बिना किसी समन्वय के यह कदम पूरी तरह से गलत है। वकील समुदाय ने प्रशासन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है और न्यायिक कार्यों में बाधा डालने वाले इस प्रकार के कदमों का पुरजोर विरोध किया जाएगा।