सोनीपत में दूसरे दिन भी नहीं मिला तेंदुए का सुराग, सर्च ऑपरेशन जारी

सोनीपत के नंदनौर गांव में तेंदुए के हमले से किसान गंभीर घायल हुआ। दूसरे दिन भी वाइल्डलाइफ टीम सर्च अभियान चला रही है, लेकिन तेंदुए का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला।

सोनीपत में  दूसरे दिन भी नहीं मिला तेंदुए का सुराग, सर्च ऑपरेशन जारी

सोनीपत में तेंदुए के हमले से किसान गंभीर घायल, गांव में दहशत
दूसरे दिन भी वाइल्डलाइफ टीम को नहीं मिला तेंदुए का सुराग
ट्रैंक्विलाइज़र गन और पिंजरे लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी


हरियाणा के सोनीपत जिले के नंदनौर गांव में तेंदुए के हमले के बाद लगातार दूसरे दिन भी वाइल्डलाइफ टीम इलाके में सर्च अभियान चला रही है। हालांकि अभी तक तेंदुए का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे गांव निवासी धर्मपाल (60) अपने खेत में पहुंचे ही थे कि अचानक एक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज और अचानक था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।

परिजनों के मुताबिक तेंदुए ने गर्दन, छाती, कमर और बाजू समेत शरीर के कई हिस्सों पर हमला किया, जिससे धर्मपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला।

घटना के बाद मुरथल थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। इसके बाद तुरंत संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जो दूसरे दिन भी जारी है।

फॉरेस्ट विभाग के रेंज अधिकारी नरेश ने बताया कि मौके पर तेंदुए के फुट मार्क मिले हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि हमला तेंदुए ने ही किया है। एक पेड़ के नीचे मिले निशानों से इसकी पुष्टि हुई है।

तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरे लगाए गए हैं और टीम के पास ट्रैंक्विलाइज़र गन भी तैयार रखी गई है, ताकि तेंदुए के मिलने पर उसे बेहोश कर सुरक्षित पकड़ा जा सके। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मौके पर मौजूद है।

रेस्क्यू टीम ने आसपास के गांवों और यमुना नदी के किनारे तक व्यापक सर्च अभियान चलाया, लेकिन अब तक तेंदुए का कोई पता नहीं चल पाया है। टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है और हर संभावित जगह पर खोजबीन जारी है।

घटना के बाद प्रशासन ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे सुबह और रात के समय अकेले खेतों में न जाएं और समूह में ही निकलें। साथ ही शोर करते हुए चलने की भी सलाह दी गई है, ताकि जंगली जानवर पास न आए।

घायल किसान धर्मपाल का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब पूरे इलाके की नजर इस बात पर टिकी है कि तेंदुआ कब तक पकड़ा जाता है, क्योंकि उसकी मौजूदगी से ग्रामीणों में डर लगातार बना हुआ है।