Video in link: संसद में राहुल गांधी–रवनीत बिट्टू आमने-सामने: राहुल ने कहा ‘गद्दार दोस्त’, बिट्टू बोले- देश के दुश्मन
संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी और भाजपा सांसद रवनीत बिट्टू आमने-सामने आ गए। राहुल ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहा, जबकि बिट्टू ने उन्हें ‘देश का दुश्मन’ बताया।
➤ बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू की तीखी तकरार
➤ राहुल गांधी ने हाथ बढ़ाया, बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया
➤ राहुल बोले ‘My Traitor Friend’, बिट्टू ने पलटकर कहा ‘देश का दुश्मन’
संसद के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल उस वक्त और गर्मा गया जब कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए। यह घटना संसद के मकर द्वार के पास हुई, जहां लोकसभा से सस्पेंड किए गए विपक्षी सांसदों के समर्थन में प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी नोक-झोंक ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन के विरोध में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी भी शामिल थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू वहां पहुंचे और उन्होंने विपक्षी सांसदों पर तंज कसा। इसके जवाब में राहुल गांधी ने भी बिट्टू पर टिप्पणी की, जिसके बाद दोनों नेता आमने-सामने आ गए।
घटना के दौरान राहुल गांधी ने सामान्य शिष्टाचार दिखाते हुए हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन रवनीत बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसी पल राहुल गांधी ने बिट्टू से अंग्रेजी में कहा, “Hello brother, my traitor friend”, यानी ‘हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त’। यह टिप्पणी सुनते ही माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए रवनीत बिट्टू ने उन्हें ‘देश का दुश्मन’ कह दिया और बिना रुके संसद भवन के अंदर चले गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद विपक्षी सांसदों ने ‘सरेंडर, सरेंडर’ के नारे भी लगाए, जिससे राजनीतिक टकराव और ज्यादा मुखर हो गया।
गौरतलब है कि संसद के अंदर भी बीते दिनों से लगातार हंगामा चल रहा है। विपक्ष चीन, अमेरिका और एपस्टीन फाइल्स जैसे मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा, जबकि सरकार विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रही है।
राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच हुई यह सार्वजनिक तकरार अब सियासी बयानबाजी का नया मुद्दा बन गई है। एक तरफ कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी और विपक्ष की आवाज दबाने का मामला बता रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की गैर-जिम्मेदार राजनीति करार दे रही है।
Akhil Mahajan