चुनाव लड़ने के लिए जमा करवा दी 10वीं की दो मार्कशीट, फंसा सरपंच, कुर्सी खतरे में

पानीपत के चुलकाना गांव के सरपंच पर NIOS से दो अलग जन्मतिथि वाली 10वीं मार्कशीट बनवाने और चुनाव में फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप, पुलिस ने केस दर्ज किया।

चुनाव लड़ने के लिए जमा करवा दी 10वीं की दो मार्कशीट, फंसा सरपंच, कुर्सी खतरे में
  • सरपंच पर NIOS से दो अलग जन्मतिथि वाली 10वीं की मार्कशीट बनवाने का आरोप
  • चुनावी हलफनामे में विरोधाभास से फर्जीवाड़ा उजागर
  • पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया


हरियाणा के पानीपत जिले के गांव चुलकाना के सरपंच सतीश कुमार पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए चुनाव लड़ने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने एक ही संस्थान NIOS से 10वीं कक्षा की दो अलग-अलग मार्कशीट बनवाईं, जिनमें जन्मतिथि, पासिंग वर्ष और पिता का नाम तक अलग-अलग दर्ज है।

यह मामला मुख्यमंत्री विंडो में दर्ज शिकायत और जिला उप-न्यायवादी की कानूनी राय के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरपंच ने सरकारी लाभ लेने और चुनावी पात्रता के लिए दस्तावेजों में हेरफेर किया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पहली मार्कशीट जून 2004 की है, जिसमें जन्मतिथि 2 मार्च 1984 और पिता का नाम मांगे राम दर्ज है। दूसरी मार्कशीट अक्टूबर 2018 की है, जिसमें जन्मतिथि 5 मई 1973 और पिता का नाम मंगा राम लिखा गया है। एक ही व्यक्ति के लिए एक ही बोर्ड से जारी दो अलग विवरण वाले सर्टिफिकेट सवाल खड़े कर रहे हैं।

मामले में सबसे अहम कड़ी चुनावी हलफनामा बना। सरपंच सतीश कुमार ने 2016 और 2022 में चुनाव लड़ा। वर्ष 2022 के हलफनामे में उन्होंने 2018 में मैट्रिक पास करने की जानकारी दी। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि जब उन्होंने 2018 में 10वीं पास की, तो वे 2016 में चुनाव कैसे लड़ पाए, जबकि उस समय भी मैट्रिक पास होना अनिवार्य शर्त थी।

थाना समालखा में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब NIOS बोर्ड से दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि करेगी। मामले के सामने आने के बाद गांव और क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।