पानीपत के प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चमत्कार, एंडोस्कोपी से 5 साल के बच्चे की आंत से निकाली कील

पानीपत के प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एंडोस्कोपी के जरिए 5 वर्षीय बच्चे की आंत से कील निकालकर उसकी जान बचाई गई। यह अस्पताल की बड़ी चिकित्सा उपलब्धि है।

पानीपत के प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चमत्कार, एंडोस्कोपी से 5 साल के बच्चे की आंत से निकाली कील

➤ बिना सर्जरी एंडोस्कोपी से बच्चे की जान बचाई
➤ तीन अस्पतालों ने किया था रेफर, हालत थी गंभीर
➤ एक दिन में स्वस्थ होकर बच्चे को मिली छुट्टी


पानीपत के प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने एक बार फिर अपनी उन्नत चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कुशलता का प्रमाण दिया है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने एक बेहद जटिल और जोखिम भरे मामले में पाँच वर्षीय बच्चे की जान बचाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। गलती से कील निगल लेने के बाद गंभीर हालत में पहुंचे बच्चे की आंत से बिना सर्जरी एंडोस्कोपी के जरिए कील को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बच्चे को नई जिंदगी मिली।

जानकारी के अनुसार, यह बच्चा पहले तीन अन्य अस्पतालों में ले जाया गया था, लेकिन वहां किसी प्रकार का उपचार संभव नहीं हो सका। बच्चे को लगातार तेज पेट दर्द और तकलीफ हो रही थी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, बिशन स्वरूप कॉलोनी, पानीपत में रेफर कराया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तत्काल जांच शुरू की और एक्स-रे करवाया, जिसमें साफ दिखाई दिया कि कील आंत के अंदर फंसी हुई है, जो किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. माधव और उनकी विशेषज्ञ टीम ने तुरंत निर्णय लेते हुए एंडोस्कोपिक प्रक्रिया अपनाई। अत्यंत सावधानी और उच्च तकनीक की मदद से बिना किसी सर्जरी के आंत के अंदर फंसी कील को बाहर निकाल लिया गया। यह प्रक्रिया विशेष रूप से इसलिए चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि मरीज एक छोटा बच्चा था और आंत में फंसी नुकीली कील किसी भी समय गंभीर नुकसान पहुंचा सकती थी।

सफल उपचार के बाद बच्चे की हालत तेजी से सुधरी और महज एक दिन के भीतर ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बच्चे के परिजनों ने राहत की सांस ली और अस्पताल प्रशासन व डॉक्टरों का आभार जताया। यह मामला न सिर्फ चिकित्सकीय दृष्टि से बल्कि मानवीय नजरिए से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता को पूरी मेडिकल टीम की मेहनत, अनुभव और समर्पण का परिणाम बताया। प्रबंधन ने डॉ. माधव और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की उन्नत सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है। प्रेम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने भविष्य में भी इसी तरह करुणा, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ मरीजों की सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया है।