ऑपरेशन सिंदूर: 19 घंटे में PAK ने टेके घुटने, एक्स सर्विसमैन भी रिजर्व

हिसार में एक्स सर्विसमैन रैली में लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में 19 घंटे में PAK ने घुटने टेक दिए। एक्स सर्विसमैन रिजर्व रखे, युद्ध का तरीका बदल चुका है।

ऑपरेशन सिंदूर: 19 घंटे में PAK ने टेके घुटने, एक्स सर्विसमैन भी रिजर्व


ऑपरेशन सिंदूर में मात्र 19 घंटे में PAK ने घुटने टेके
आगे के लिए एक्स सर्विसमैन भी रिजर्व रखे – लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह
युद्ध का तरीका बदल गया, सिविल और मिलिट्री को मिलकर लड़नी होगी लड़ाई


विस्तृत खबर
हिसार। हरियाणा के हिसार कैंट स्थित मिलिट्री स्टेशन में शनिवार को आयोजित एक्स सर्विसमैन रैली में साउथ वेस्टर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश एक गंभीर परिस्थिति से गुजरा था। देश में आतंकवादी हमला हुआ और पूरा देश सेना की ओर उम्मीद से देख रहा था।

उन्होंने कहा कि सेना लंबे युद्ध की तैयारी कर रही थी और इसके लिए एक्स सर्विसमैन की लिस्ट रिजर्व बेस पर तैयार कर ली गई थी, लेकिन हालात तेजी से बदले और मात्र 19 घंटे में पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई।

रैली में हिसार, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों से एक्स सर्विसमैन और उनके परिवार शामिल हुए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेडीएस यादव भी मौजूद रहे।

रैली में शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों और युद्ध में घायल हुए जवानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान युद्ध में घायल एक पूर्व सैनिक को टू-व्हीलर वाहन भेंट किया गया।

युद्ध में लड़ाई के दौरान अपाहिज हुए पूर्व सैनिक को टू व्हीलर वाहन भेंट करते लेफ्टिनेंट जनरल।

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बताया कि यदि युद्ध रूस-यूक्रेन की तरह लंबा खिंचता, तो एक्स सर्विसमैन को सक्रिय सेवा में बुलाया जा सकता था। उन्होंने कहा, पूर्व सैनिकों ने स्वयं आगे आने की इच्छा जताई थी और कई एक्स सर्विसमैन स्टेशन में स्वयं रिपोर्ट करने पहुंच गए थे।

उन्होंने कहा कि आज युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब नॉन-कॉन्टेक्ट वार, साइबर अटैक, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, रेलवे कंट्रोल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले सबसे बड़े खतरे हैं, इसलिए अब युद्ध पूरे देश को साथ लेकर लड़ा जाएगा—सिविल एडमिनिस्ट्रेशन और मिलिट्री को संयुक्त रूप से काम करना होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि देश में सेना अपने 20 नए अस्पताल तैयार करेगी, जहाँ एक्स सर्विसमैन और सर्विसमैन इलाज प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले सैनिकों को उनके घर तक मेडिकल सुविधा देने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है। पूरा सिस्टम स्पर्श योजना के तहत जोड़ा जा रहा है।

समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।