एडवोकेट रिजवान का हवाला लिंक उजागर, विदेशी हैंडलर से 35 लाख की ट्रांजेक्शन का खुलासा, एजेंसियों ने बढ़ाया जांच का दायरा
नूंह के एडवोकेट रिजवान को ISI के लिए जासूसी और 35 लाख हवाला ट्रांजेक्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस पंजाब में आतंकी नेटवर्क की जांच कर रही है।
➤ ISI के लिए जासूसी के आरोप में नूंह के एडवोकेट रिजवान अरेस्ट
➤पंजाब में आतंकी नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस
➤ 35 लाख हवाला ट्रांजेक्शन और धमकी केस से लिंक की जांच
हरियाणा के नूंह से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार एडवोकेट मोहम्मद रिजवान खान को लेकर पुलिस पंजाब में उसकी गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि विदेशी हैंडलरों से रिजवान के खातों में बड़ी रकम भेजी गई, जिसे पंजाब में आतंकी नेटवर्क मजबूत करने पर खर्च किया जाना था। जांच में सामने आया है कि 30 से 35 लाख रुपए जालंधर के मिठाई कारोबारी अजय अरोड़ा को दिए गए।
सूत्रों के अनुसार रिजवान कई बार पंजाब गया था और जुलाई में भी उसकी संदिग्ध मूवमेंट सामने आई। उसने अमृतसर स्वर्ण मंदिर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं, जिसके बाद उसकी निगरानी बढ़ाई गई। इसी कड़ी में नूंह पुलिस उसे पंजाब ले गई।
इधर, गुरुग्राम के सीनियर एडवोकेट कुलभूषण भारद्वाज, जिन्हें पाकिस्तान से तीन बार धमकी मिल चुकी है, का कहना है कि रिजवान स्लीपर सेल हो सकता है। भारद्वाज के चैंबर के पास ही रिजवान आता था। उनका आरोप है कि संभवतः धमकी देने वालों तक उनकी जानकारी रिजवान ने पहुंचाई।
रिजवान और कारोबारी अरोड़ा को आठ दिन के रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस को अरोड़ा से 35 लाख रुपए रिकवरी करनी है और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश जारी है। जांच में सामने आया है कि अरोड़ा ने यह रकम विदेश में रह रहे एक कारोबारी को दी थी।
साथी वकीलों के अनुसार रिजवान बहुत शांत रहता था और खुद को अलग रखता था। हिंदुत्व, गो-रक्षा या राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत के दौरान चुप रहता था। उसके केस और संपर्कों की जानकारी किसी को नहीं थी।
नूंह के निवासी रिजवान को 24 नवंबर को पकड़ा गया। मोबाइल से मिली WhatsApp चैट्स, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्य ISI लिंक का संकेत देते हैं। उस पर 113, 3 BNS, 17 UAPA के तहत केस दर्ज हुआ है।
परिवार ने आरोपों को नकारते हुए उसे बेकसूर बताया है और कहा कि उसका पाकिस्तान में रिहायशी रिश्तेदारों से संपर्क था और वह किसी एंटी-नेशनल गतिविधि में शामिल नहीं है।
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