एनएसएस विशेष शिविर के दूसरे दिन योग, स्वच्छता रैली और सफाई अभियान, स्वदेशी पर दिया गया आत्मनिर्भरता का संदेश
हिसार के गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय में एनएसएस विशेष शिविर के दूसरे दिन योग, स्वच्छता रैली, सफाई अभियान और स्वदेशी पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
➤ दूसरे दिन की शुरुआत योग व प्राणायाम से, स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर
➤ पटेल नगर बस्ती में स्वच्छता रैली, सब्जी मंडी व शिव मंदिर परिसर में सफाई अभियान
➤ सायंकालीन सत्र में स्वदेशी और स्वरोजगार पर प्रेरक संबोधन
गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय, हिसार की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस का आयोजन सेवा, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों के संदेश के साथ किया गया। शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरे दिन विभिन्न रचनात्मक व जनहितकारी गतिविधियां आयोजित की गईं।
मीडिया प्रभारी प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रातःकाल योग एवं प्राणायाम अभ्यास से हुई। इस सत्र का उद्देश्य स्वयंसेवकों के शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना रहा। योग अभ्यास के दौरान स्वयंसेवकों को नियमित दिनचर्या में योग अपनाने का संदेश दिया गया, ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली को अपने व्यवहार में उतार सकें।
प्रातः सत्र में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. कुमारी सरोज और प्रो. सुनील कुमार के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवकों ने पटेल नगर बस्ती में स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से आमजन को स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ते हुए साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और स्वस्थ वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने नारे और संदेशों के जरिए लोगों को स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद स्वयंसेवकों द्वारा सब्जी मंडी क्षेत्र और शिव मंदिर परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान कचरे की सफाई कर आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाया गया। अभियान में स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने समाज में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश दिया और यह दर्शाया कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण संभव है।
सायंकालीन सत्र में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर डॉ. राकेश चराया ने स्वदेशी विषय पर अपने प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पाद अपनाने और शिक्षा पूर्ण करने के बाद स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार करता है।
दिवस के समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने कविता वाचन, गीत और देशभक्ति शायरी की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों से वातावरण देशप्रेम, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। कार्यक्रम ने स्वयंसेवकों में सामाजिक दायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना को और मजबूत किया।
Akhil Mahajan