लखनऊ अग्निकांड में सोनीपत के इकलौते बेटे की मौ*त, मां को किया था आखिरी वीडियो कॉल
लखनऊ अग्निकांड में सोनीपत के 23 वर्षीय भविष्य शर्मा की मौत हो गई। हादसे से पहले उसने मां को वीडियो कॉल कर आग और धुएं की जानकारी दी थी। वह आठ दिन पहले ही नौकरी पर गया था।
लखनऊ अग्निकांड में सोनीपत के 23 वर्षीय भविष्य शर्मा की दर्दनाक मौत
आग लगने के बाद मां को वीडियो कॉल कर बोला- अब जिंदा नहीं बचेंगे
आठ दिन पहले ही लखनऊ में नौकरी जॉइन की थी, परिवार का इकलौता बेटा था
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने हरियाणा के सोनीपत जिले के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। खरखौदा क्षेत्र के गांव महिपुर निवासी भविष्य शर्मा (23) की इस हादसे में मौत हो गई। भविष्य ने हाल ही में एनिमेशन का कोर्स पूरा किया था और महज आठ दिन पहले ही लखनऊ के एक एनिमेशन एवं गेमिंग संस्थान में नौकरी शुरू की थी।
परिवार के लिए यह गर्व और खुशी का समय था, क्योंकि इकलौता बेटा अपने करियर की नई शुरुआत कर रहा था। लेकिन नौकरी जॉइन करने के कुछ ही दिनों बाद वह भीषण अग्निकांड का शिकार हो गया।
परिजनों के अनुसार, हादसे के दौरान भविष्य ने करीब सवा दो बजे अपनी मां सोनिया को वीडियो कॉल की थी। उसने कमरे का माहौल दिखाते हुए बताया कि कमरे में आग लग गई है और चारों तरफ धुआं भर चुका है। कुछ ही सेकेंड बाद कॉल कट गई। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
कॉल कटने के थोड़ी देर बाद लखनऊ में आग लगने की खबरें सामने आने लगीं। चिंतित परिजन तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए। पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार को भविष्य का शव गांव महिपुर पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
पिता बोले- अब मेरे पास कुछ नहीं बचा
भविष्य के पिता नरेंद्र शर्मा एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि उसकी मां सिलाई का काम करती हैं। बेटे की मौत से टूट चुके पिता ने कहा कि भविष्य उनका इकलौता बेटा था और वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी था। उन्होंने कहा कि अब उनके पास कुछ नहीं बचा है।
पिता ने बताया कि भविष्य 6 जून को घर से लखनऊ के लिए रवाना हुआ था। वह अपने सपनों को पूरा करने और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने के लिए नौकरी करने गया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
बहन की शादी की चिंता रहती थी
परिवार ने बताया कि भविष्य की छोटी बहन त्रिशा है, जिसकी शादी की बात चल रही थी। भविष्य को अपनी बहन की शादी की चिंता रहती थी और इसी कारण वह जल्दी नौकरी कर परिवार की मदद करना चाहता था। परिवार ने सरकार से मांग की है कि त्रिशा को नौकरी देकर परिवार को सहारा दिया जाए।
हादसे में गईं 15 लोगों की जान
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग में लगे स्प्लिट एसी के कंप्रेसर में धमाका होने के बाद आग भड़क गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिल्डिंग में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था। आग लगने के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिससे लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। वहीं छत पर जाने वाला दरवाजा भी बंद था।
आग के बाद इमारत में धुआं तेजी से फैल गया। कई लोगों ने खुद को कमरों और बाथरूम में बंद कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन दम घुटने से उनकी मौत हो गई। इस हादसे में कुल 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे।
बिल्डिंग मालिक समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी कार्रवाई करते हुए संबंधित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
जांच में सामने आया है कि इमारत में पर्याप्त फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं थी। इमरजेंसी निकासी का अलग रास्ता भी मौजूद नहीं था, जिसके कारण हादसा और अधिक घातक साबित हुआ।
pooja