मलेशिया में गिरफ्तारी के डर से 10वीं मंजिल से कूदा हरियाणा का दंपती, पत्नी की मौत और पति गंभीर रूप से घायल

मलेशिया में अवैध रूप से रह रहे करनाल के दंपती ने गिरफ्तारी के डर से 10वीं मंजिल से छलांग लगा दी। पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति गंभीर हालत में भारत लाया गया।

मलेशिया में गिरफ्तारी के डर से 10वीं मंजिल से कूदा हरियाणा का दंपती, पत्नी की मौत और पति गंभीर रूप से घायल

➤ मलेशिया में गिरफ्तारी के डर से 10वीं मंजिल से कूदा करनाल का दंपती
➤ पत्नी की मौके पर मौत, पति गंभीर हालत में भारत लाया गया
➤ परिवार से ठगी का आरोप, एनजीओ पर पैसे हड़पने का दावा


हरियाणा के करनाल से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां मलेशिया में रह रहे एक दंपती ने गिरफ्तारी के डर से 10वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस हादसे में पत्नी अनुष्का (25) की मौके पर मौत हो गई, जबकि पति कपिल (28) गंभीर रूप से घायल हो गया।

जानकारी के अनुसार, यह दंपती करीब ढाई साल पहले टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया गया था। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों वहीं अवैध रूप से रहकर काम कर रहे थे। इसी बीच मलेशिया सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती शुरू की और उनके ठिकाने पर छापेमारी की गई।

बताया जा रहा है कि इमिग्रेशन टीम और पुलिस जब बिल्डिंग में पहुंची, तो गिरफ्तारी के डर से दंपती ने 10वीं मंजिल से कूदने का कदम उठाया। इस घटना में अनुष्का की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कपिल गंभीर रूप से घायल होकर कोमा में चला गया

घटना के बाद मलेशिया पुलिस ने महिला के शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जबकि कपिल को आईसीयू में भर्ती कराया गया। जब यह खबर करनाल स्थित परिवार तक पहुंची, तो घर में शोक का माहौल छा गया। परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेश जाकर मदद करने की थी, क्योंकि उनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे।

इसी दौरान खुद को एनजीओ संचालक बताने वाली एक महिला ने परिवार से संपर्क किया और मदद का भरोसा दिया। उसने कपिल का वीडियो भेजकर इलाज के लिए तुरंत 2 लाख रुपए की मांग की।

परिजनों ने कर्ज लेकर 1.80 लाख रुपए ऑनलाइन भेज दिए, लेकिन आरोप है कि एनजीओ ने अस्पताल में केवल 70 हजार रुपए जमा कराए और बाकी राशि हड़प ली।

इसके बाद परिवार ने स्थानीय स्तर पर मदद मांगी, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः एडवोकेट विकास सुखीजा की पहल पर मामला आगे बढ़ा। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर मदद की अपील की।

प्रशासनिक प्रयासों के चलते 5 दिनों में अनुष्का का शव भारत लाया गया, जबकि करीब 15 दिनों बाद कपिल को भी स्वदेश वापस लाया गया। फिलहाल कपिल का इलाज एक निजी अस्पताल में जारी है।