कैथल में पार्षद और प्रतिनिधि को 7-7 साल की सजा: मांगी थी कमीशन, ACB ने दबोचे

कैथल में फर्म की पेमेंट के बदले रिश्वत मांगने पर जिला पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि को 7-7 साल कैद व जुर्माना। ACB ट्रैप रेड और वॉयस रिकॉर्डिंग से मामला साबित।

कैथल में पार्षद और प्रतिनिधि को 7-7 साल की सजा: मांगी थी कमीशन, ACB ने दबोचे

पेमेंट दिलवाने के बदले 8% कमीशन मांगने का मामला साबित
ACB ने 1 लाख की रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ा
कोर्ट का आदेश—दोनों दोषी, जुर्माना और जेल भेजे गए



कैथल जिले में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला पार्षद विक्रमजीत और पार्षद प्रतिनिधि भरत ढुल को 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडिशनल सेशन जज डॉ. नंदिता कौशिक की अदालत ने सुनाया। दोनों पर एक फर्म की पेमेंट पास करवाने के बदले कमीशन मांगने और रिश्वत लेने का आरोप था, जिसे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों पकड़कर साबित किया।

असिस्टेंट जिला अटॉर्नी कुलदीप गर्ग के अनुसार, मामला 18 जनवरी 2024 का है। ग्रीन नेटवर्क फर्म के संचालक विजेंद्र चहल ने जिला परिषद को वाटर टैंक और कूलर सप्लाई किए थे। पेमेंट दिलवाने के नाम पर जिला परिषद सदस्य विक्रमजीत और वार्ड-3 की पार्षद उर्मिला ढुल के पति (पार्षद प्रतिनिधि) भरत ढुल ने 8 प्रतिशत कमीशन की मांग की। बाद में सौदा 1 लाख रुपए में तय हुआ।

शिकायतकर्ता ने ACB पंचकूला को सूचना दी। तय योजना के तहत जींद रोड पर दोनों को बुलाया गया और 50-50 हजार रुपए लेते समय ACB ने उन्हें काबू कर लिया। अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ।

रिश्वत की मांग के दौरान शिकायतकर्ता ने दोनों की वॉयस रिकॉर्डिंग कर ली थी। जांच में वॉयस मैच होने की पुष्टि हुई, जो मामले में निर्णायक सबूत बनी।

सजा और जुर्माना

  • विक्रमजीत (जिला पार्षद): 7 साल कैद, 1 लाख रुपए जुर्माना; जुर्माना न देने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा

  • भरत ढुल (पार्षद प्रतिनिधि): 7 साल कैद, 50 हजार रुपए जुर्माना; जुर्माना न देने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा

अदालत के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों को पार्षद पद से हटाया भी जा चुका है।

बताया गया कि 2022 में दोनों आज़ाद उम्मीदवार के तौर पर जीते थे। बाद में जजपा, फिर बीजेपी, और हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस से जुड़े थे।