रिश्वत केस: 5 हजार लेने के आरोप में फंसे पूर्व SHO जयवीर शर्मा बरी
कैथल में 5 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में फंसे चीका थाना के पूर्व SHO जयवीर शर्मा को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
➤ एसीबी पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाई, कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ
➤ 2022 में 5 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
➤ नोटों की राख, रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज भी कोर्ट में पेश नहीं हो पाई
हरियाणा के Kaithal में 5 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में फंसे चीका थाना के तत्कालीन एसएचओ Jaiveer Sharma और उनके एक सहयोगी को अदालत ने दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश Nandita Kaushik की अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि जांच एजेंसी पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर पाई। ऐसे में दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
मामले में Haryana State Anti Corruption Bureau की ओर से दाखिल चालान में आरोप लगाया गया था कि इंस्पेक्टर जयवीर शर्मा ने 5 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर लिए थे और वह रकम अपने सहयोगी को दे दी थी। आरोप था कि सहयोगी पैसे लेकर वहां से भाग गया और बाद में भाखड़ा नहर के पास जाकर नोटों को जला दिया।
सुनवाई के दौरान एसीबी उस स्थान का नक्शा भी कोर्ट में पेश नहीं कर पाई, जहां नोट जलाने की बात कही गई थी। इसके अलावा नोटों की राख या कोई अन्य भौतिक सबूत भी बरामद नहीं हो सका। एसीबी ने चीका थाना में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पेश करने का दावा किया था, लेकिन वह फुटेज भी अदालत में नहीं चलाई जा सकी।
शिकायतकर्ता चांद राम ने आरोप लगाया था कि एसएचओ ने उसके खिलाफ आई शिकायत के निपटारे के बदले रिश्वत मांगी थी। हालांकि जांच के दौरान वह शिकायत ही थाने के रिकॉर्ड में नहीं मिली। जिस मोबाइल में रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग होने का दावा किया गया था, जांच एजेंसी उसे भी बरामद नहीं कर सकी।
2 फरवरी 2022 को एसीबी ने रिश्वत की शिकायत के आधार पर चीका थाना में छापा मारा था। उस दौरान इंस्पेक्टर जयवीर शर्मा को पकड़ लिया गया था। कार्रवाई के दौरान उनके हाथों पर केमिकल का रंग मिलने की बात कही गई थी, लेकिन रिश्वत की रकम बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और तीन बार रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। इंस्पेक्टर जयवीर शर्मा के वकील Janak Raj ने बताया कि यदि जयवीर चाहें तो शिकायतकर्ता और जांच एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ हर्जाने का दावा भी दायर कर सकते हैं।
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