यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, वकील ने जासूसी आरोप खारिज किए, जांच अधिकारी नदारद, तलब
यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। वकील ने जासूसी आरोप खारिज किए। अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
- ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में करीब आधे घंटे सुनवाई
- वकील का दावा देश विरोधी कोई सूचना पाकिस्तान नहीं भेजी गई
- अगली सुनवाई 19 फरवरी को, जांच अधिकारी को रिकॉर्ड सहित पेश होने के निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस सूर्यप्रताप सिंह की अदालत में करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच बहस चली। ज्योति मल्होत्रा की ओर से पेश हुए वकील रविंद्र सिंह ढुल ने अदालत में कहा कि ज्योति ने किसी भी प्रकार की देश विरोधी सूचना पाकिस्तान को नहीं भेजी है और उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
वकील ने दलील दी कि पुलिस ने बिना ठोस आधार के एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम लगाने के लिए कम्पीटेंट अथॉरिटी यानी केंद्रीय गृह मंत्रालय की शिकायत जरूरी होती है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं है।
वकील ने यह भी कहा कि पुलिस जिस भाखड़ा डैम की वीडियो को आधार बना रही है, उसी डैम की वीडियो और लोकेशन खुद आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। ज्योति ने ये वीडियो टूरिज्म प्रमोशन के उद्देश्य से बनाए थे। उन्होंने बताया कि ज्योति मल्होत्रा ने देश और विदेश के कई पर्यटन स्थलों पर जाकर वीडियो शूट किए हैं, जो पूरी तरह सार्वजनिक और सामान्य प्रकृति के हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत में जांच अधिकारी के उपस्थित न होने पर भी सवाल उठे। वकील रविंद्र ढुल ने कहा कि जमानत सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी का मौजूद होना आवश्यक है। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई 19 फरवरी तय करते हुए जांच अधिकारी को सभी रिकॉर्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए।
जस्टिस सूर्यप्रताप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में रोस्टर चेंज नहीं होगा और इस मामले की सुनवाई आगे भी वही बेंच करेगी।
गौरतलब है कि जासूसी गतिविधियों के आरोप में ज्योति मल्होत्रा मई 2025 से जेल में बंद है। उसने अपनी रिहाई के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हिसार पुलिस ने 15 मई को ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर ज्योति पर तब पड़ी जब वह 2024 में दो महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन की यात्रा पर गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई और 15 मई तक वहीं रही। इसके बाद भारत लौटकर 10 जून को चीन गई, जहां से 9 जुलाई तक रहने के बाद नेपाल के काठमांडू पहुंची।
इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान गई थी, जहां उसने पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मुलाकात और इंटरव्यू भी किया था।
Akhil Mahajan